अयोध्या। थाना हैदरगंज क्षेत्र में विशुही नदी से मिले अज्ञात शव की गुत्थी को पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर सुलझा दी है। ऑपरेशन त्रिनेत्र और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के दम पर पुलिस ने हत्या का खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। उनकी निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त ईंट और तीन पहिया ऑटो भी बरामद कर लिया गया है।
3 दिसंबर 2025 की सुबह सूचना मिली कि ग्राम सभा मऊ के पास विशुही नदी में एक अज्ञात शव उतराता दिखाई दे रहा है। शव की तस्वीरें व्हाट्सऐप ग्रुप में साझा की गईं और ऑपरेशन त्रिनेत्र के कैमरों की फुटेज खंगालते हुए मृतक की पहचान यदुनाथ पुत्र स्व. दयाराम कोरी के रूप में की गई। मृतक के पुत्र सुरजीत की तहरीर पर थाना हैदरगंज में मुकदमा दर्ज कर जांच तेज की गई। एसी ग्रमीण मधुबन सिंह ने बताया कि जांच में सामने आया कि कुछ दिन पहले यदुनाथ द्वारा अभियुक्त रामकुमार शुक्ला की मां और बेटी को आपत्तिजनक शब्द कहे थे। इसी रंजिश में तीनों आरोपियों ने साजिश रचकर यदुनाथ को घर से बुलाया, अपने ऑटो में बैठाया और सुनसान जगह पर ले जाकर ईंट से कुचलकर उसकी बेरहमी से हत्या कर दी। इसके बाद शव को मऊ और न्यूना पूरब गांव के बीच विशुही नदी पुल से नीचे फेंक दिया गया। मुखबिर की सूचना पर रामकुमार शुक्ला, रामबाबू उर्फ आयुष यादव और दिलीप उर्फ चलाकी को सहावां गांव से गिरफ्तार कर लिया। रामबाबू के खिलाफ पहले से भी आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। तीनों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।