अयोध्या। बाराबंकी में एबीवीपी छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में अवध विश्वविद्यालय मुख्य गेट से नाका हनुमानगढ़ी तक एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने मशाल जुलूस निकालते हुए सरकार, विश्वविद्यालय प्रशासन और आरोपी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई न होने का आरोप लगाया।
विभाग संयोजक शशांक विद्यार्थी ने कहा कि लाठीचार्ज प्रकरण में शामिल पुलिसकर्मियों और विश्वविद्यालय प्रशासन के निजी गुंडों पर कठोर कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने मांग की कि किसके आदेश पर लाठीचार्ज हुआ, यह तथ्य सार्वजनिक किया जाए और अवैध रूप से संचालित विधि पाठ्यक्रम की जांच कर विश्वविद्यालय को बंद किया जाए।
साकेत इकाई मंत्री नीलम गोस्वामी ने कहा कि पुलिस ने छात्राओं के साथ अपराधियों जैसा व्यवहार किया, जिससे आधा दर्जन से अधिक छात्राएं गंभीर रूप से घायल हुईं। उन्होंने इसे अमानवीय और निंदनीय करार दिया। महानगर मंत्री मानवेन्द्र सिंह ने विश्वविद्यालय द्वारा की गई भूमि कब्जेदारी का मुद्दा उठाते हुए कहा कि तहसीलदार न्यायालय द्वारा लगाए गए 27.96 लाख रुपये के जुर्माने और कब्जा हटाने के आदेश का अनुपालन कराया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि एबीवीपी कार्यकर्ताओं पर प्रायोजित तरीके से की गई कार्रवाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मौके पर आशुतोष राणा,जिला संयोजक प्रियांशु तिवारी,दिवाकर चौरसिया, महानगर सहमंत्री आदर्श चतुर्वेदी,साहिल कसौधन,किशन सिंह ,अंश जायसवाल नेहा वर्मा,यश पाठक ,अमित मौर्या,विकास यादव,अभिषेक पांडेय, अभय गुप्ता,देवप्रकाश,तुषार तिवारी,शिवम शुक्ला,अजय तिवारी,स्वेता भारती, सौरभ सिंह इकाई अध्यक्ष साकेत महाविद्यालय अनुराग तिवारी,रौनक गुप्ता,रितिक सिंह,जिला विस्तारक उदय मिश्र,विभाग संगठन मंत्री सहित एक सैकड़ा कार्यकर्ता उपस्थित रहा।