अयोध्या। भारतीय मजदूर संघ की औद्योगिक इकाई ऑल इंडिया कोऑपरेटिव बैंक एम्पलाइज ऑर्गेनाइजेशन का अखिल भारतीय अधिवेशन शनिवार को देवकाली बाईपास स्थित बेटर इन होटल में आयोजित हुआ। कोऑपरेटिव बैंक एम्पलाइज यूनियन उत्तर प्रदेश के आयोजन में देशभर से पहुंचे प्रतिनिधियों ने सहकारी बैंक कर्मचारियों की समस्याओं और बैंकिंग क्षेत्र से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की। अधिवेशन में 12 प्रस्ताव पारित किए गए।
कार्यक्रम में भारतीय मजदूर संघ के राष्ट्रीय मंत्री बैंकिंग गिरीश चंद्र आर्या मुख्य अतिथि रहे। राष्ट्रीय मंत्री विधि अनिल धुमने, प्रदेश महामंत्री अनिल उपाध्याय और प्रदेश संरक्षक राजेश्वर सिंह विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए। महाराष्ट्र, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, गुजरात, केरल, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और झारखंड समेत 12 राज्यों के प्रतिनिधियों ने अधिवेशन में भाग लिया।
अधिवेशन में सहकारी बैंकों को आयकर से मुक्त करने, पांच दिवसीय कार्य सप्ताह लागू करने, जिला सहकारी बैंकों को शेड्यूल बैंक का दर्जा देने, बैंक के बोर्ड में यूनियन प्रतिनिधित्व देने और स्टाफ कॉस्ट मानकों में संशोधन सहित 12 मुद्दों पर प्रस्ताव पारित किए गए। आयोजकों के अनुसार इन प्रस्तावों को केंद्र और राज्य सरकारों के समक्ष रखा जाएगा।
वक्ताओं ने कहा कि विभिन्न राज्यों में सहकारी बैंक कर्मचारियों के वेतनमान और सेवानिवृत्ति की उम्र में अंतर है। कहीं सेवानिवृत्ति की उम्र 58 वर्ष है तो कहीं 60 वर्ष। उन्होंने जिला और राज्य सहकारी बैंकों के नियमों में एकरूपता की मांग की। वक्ताओं के अनुसार सहकारी बैंक ग्रामीण क्षेत्रों और अंतिम व्यक्ति तक बैंकिंग सेवाएं पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
अधिवेशन में वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य के संदर्भ में समाज के अंतिम व्यक्ति तक रोटी, कपड़ा, मकान, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधाएं पहुंचाने पर भी चर्चा हुई। संगठन ने कहा कि उसका किसी राजनीतिक दल से संबंध नहीं है और वह ‘संघर्ष और संवाद’ की नीति पर काम करता है। प्रदेश महामंत्री सुधीर कुमार सिंह ने कहा कि अधिवेशन सहकारी बैंकिंग क्षेत्र और कर्मचारियों से जुड़े मुद्दों को एक मंच पर रखने का माध्यम बना।