◆ सरयू का जलस्तर खतरे के निशान से नीचे, 18 नावें और 10 बाढ़ चौकियां सक्रिय
अयोध्या। सरयू नदी का जलस्तर सोमवार दोपहर 12 बजे 92.500 मीटर दर्ज किया गया। खतरे का निशान 92.730 मीटर है। जलस्तर खतरे के निशान से 0.230 मीटर नीचे होने के बावजूद प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी और राहत-बचाव कार्य जारी रखा है। जिले में 11 गांव बाढ़ से प्रभावित बताए गए हैं।
प्रशासन के अनुसार, वर्ष 2026 में सरयू का अधिकतम जलस्तर 93.100 मीटर पहुंचा था, जो खतरे के निशान से 0.370 मीटर अधिक था। वर्ष 2009 में नदी का अधिकतम जलस्तर 94.010 मीटर दर्ज किया गया था।
जिले में घाघरा नदी के दायें तट पर 14.550 किलोमीटर लंबा रौनाही तटबंध और 13.140 किलोमीटर लंबा अयोध्या-बिल्यहरिघाट तटबंध है। तमसा नदी के बाएं तट पर 5.340 किलोमीटर लंबा गोसाईगंज शहर सुरक्षा तटबंध भी स्थित है। प्रशासन के मुताबिक तीनों तटबंध फिलहाल सुरक्षित हैं।
11 गांव प्रभावित
बाढ़ से प्रभावित 11 गांवों में तहसील सदर के मांझा मूढ़ाठीहा अयोध्या, माझा मड़ना, माझा रामपुर पुवारी और माझा काजीपुर शामिल हैं। सोहावल तहसील का माझा कला तथा रुदौली तहसील के मुजेहना मजरे सरायनासिर, पूरे मंहगू मजरे पसैया, पूरे महंगू मजरे सण्डरी, अब्बूपुर मजरे बरई, कैथी माझा मजरे कैथी और सुलेमपुर मजरे उबरीरा भी प्रभावित हैं।
प्रशासन की ओर से प्रभावित परिवारों को अब तक 4,895 राहत किट और 22,935 लंच पैकेट वितरित किए गए हैं। तहसील सदर में 3,500, रुदौली में 1,020 और सोहावल में 375 राहत किट बांटी गई हैं। पशुओं के चारे के लिए 1,175 क्विंटल भूसा भी उपलब्ध कराया गया है।
18 नावों से आवागमन
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में आवागमन के लिए 18 नावें संचालित की जा रही हैं। प्रभावित इलाकों में 10 बाढ़ चौकियां भी सक्रिय हैं। इनमें सदर तहसील में छह, रुदौली में तीन और सोहावल में एक चौकी है। चौकियों पर राजस्व, स्वास्थ्य और पशु चिकित्सा विभाग के कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है।
जिले में 14 बाढ़ शरणालय चिन्हित किए गए हैं। फिलहाल सोहावल तहसील के सहारा बाग स्थित शरणालय को सक्रिय किया गया है, जहां 100 लोगों के ठहरने की व्यवस्था है।
स्वास्थ्य विभाग की 37 टीमें सक्रिय
बाढ़ प्रभावित गांवों में स्वास्थ्य सेवाओं के लिए 37 टीमें लगाई गई हैं। ये टीमें गांवों में भ्रमण कर लोगों की स्वास्थ्य जांच और आवश्यक दवाएं उपलब्ध करा रही हैं। अब तक 1,790 ओआरएस पैकेट और 4,495 क्लोरीन टैबलेट वितरित किए गए हैं।
पशु चिकित्सा विभाग की 21 टीमें भी प्रभावित क्षेत्रों में भेजी गई हैं। इनके जरिए पशुओं का टीकाकरण, स्वास्थ्य जांच और उपचार किया जा रहा है। जरूरत के अनुसार पशु चिकित्सा शिविर लगाए जा रहे हैं।
कृषि क्षति की सूचना नहीं
प्रशासन के अनुसार, बाढ़ प्रभावित गांवों में फिलहाल कृषि क्षति की सूचना नहीं है। अयोध्या शहर में भी बाढ़ के कारण जलभराव की स्थिति नहीं बताई गई है।
जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी ने संबंधित विभागों को राहत और बचाव की व्यवस्थाएं बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। सदर, सोहावल और रुदौली तहसील के अधिकारी प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी कर रहे हैं। जरूरत के अनुसार खाद्यान्न और पशुओं के लिए भूसे का वितरण किया जा रहा है।
तहसीलदार सदर धर्मेंद्र सिंह और जिला आपदा विशेषज्ञ अधिकारी यथार्थ तिवारी ने बाढ़ क्षेत्र में स्थित दशरथ समाधि स्थल का निरीक्षण कर स्थिति का जायजा लिया। प्रशासन की ओर से नदी के जलस्तर, तटबंधों और प्रभावित गांवों की निगरानी की जा रही है।