◆ अयोध्या साइबर सेल के दारोगा समेत चार अरेस्ट, हुए निलम्बित
अयोध्या । साइबर ठगी के मामले की जांच करते-करते अयोध्या साइबर पुलिस के चार पुलिसकर्मी खुद ही ‘रिश्वत के सफर’ पर निकल पड़े। करीब 800 किलोमीटर का सफर तय कर सीकर पहुंचे और कथित तौर पर 2.80 लाख रुपये लेकर अयोध्या लौट रहे थे। लेकिन रास्ते में रसीदपुरा टोल पर एसीबी ने ऐसा ‘चेक पोस्ट’ लगा दिया कि पूरा सफर ही थाने की हवालात तक पहुंच गया।
मामला अयोध्या के साइबर क्राइम थाने में तैनात उपनिरीक्षक यशवंत सिंह, कांस्टेबल पवन कुमार त्रिपाठी, सोहन लाल और गौरव चारक से जुड़ा है। आरोप है कि सीकर के एक युवक के खिलाफ अयोध्या में दर्ज साइबर ठगी के मामले को रफा-दफा करने के लिए आठ लाख रुपये की मांग की गई थी। बताया गया कि चार लाख रुपये पहले ही लिए जा चुके थे और बाकी रकम की ‘वसूली’ के लिए पुलिसकर्मी सीकर पहुंच गए।
रकम का एक हिस्सा यानी 2.80 लाख रुपये लेकर चारों अयोध्या के लिए रवाना हुए। शायद उन्हें लगा होगा कि अब रास्ता साफ है और ‘काम’ भी पूरा हो गया। लेकिन परिवादी की सूचना ने एसीबी को पहले ही रास्ते में खड़ा कर दिया था।
टोलपरपहुंचतेहीखुलगया ‘रिश्वतकाटोलटैक्स’
सीकर-बीकानेर राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित रसीदपुरा टोल पर एसीबी ने कार को रोक लिया। तलाशी में 2.80 लाख रुपये बरामद हुए। रकम कहां से आई और किसकी है, इस सवाल का संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो मामला और भी गंभीर हो गया।
बताया जाता है कि इसके बाद पुलिसकर्मियों ने एसीबी की गाड़ी को ही टक्कर मारकर भागने की कोशिश की। यानी रिश्वत के पैसे के साथ-साथ ‘भागने का प्लान’ भी तैयार था। लेकिन एसीबी टीम ने प्लान पर पानी फेरते हुए चारों को पकड़ लिया।
साइबरठगीकीजांचमेंनिकला ‘रिश्वतकनेक्शन’
आरोप है कि सीकर के युवक के खिलाफ अयोध्या साइबर पुलिस में साइबर ठगी का मामला दर्ज था। इसी मामले को निपटाने के नाम पर कथित तौर पर आठ लाख रुपये मांगे गए थे। चार लाख रुपये पहले दिए जाने की बात सामने आई है। बाकी रकम लेने के लिए पुलिसकर्मियों के सीकर पहुंचने और वापसी में 2.80 लाख रुपये के साथ पकड़े जाने की कहानी अब जांच का हिस्सा है।
अयोध्याएसएसपीने किया ‘तुरंतकार्रवाई’ सभी सस्पेंड
उधर मामला राजस्थान तक पहुंचा तो अयोध्या पुलिस महकमे में भी हलचल मच गई। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. गौरव ग्रोवर ने साइबर क्राइम थाने में तैनात उपनिरीक्षक यशवंत सिंह, कांस्टेबल पवन कुमार त्रिपाठी, सोहन लाल और गौरव चारक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। चारों के खिलाफ विभागीय जांच भी प्रस्तावित की गई है।
अब जांच यह भी करेगी कि साइबर अपराध की पड़ताल करने निकली टीम रास्ते में ‘रिश्वतअपराध’ कीजांचखुदकैसेबनगई। फिलहाल 800 किलोमीटर का यह सफर अयोध्या साइबर पुलिस के चार पुलिसकर्मियों के लिए काफी महंगा साबित हुआ—सीकर तक जाने के बाद वापसी अयोध्या की बजाय गिरफ्तारी की ओर हो गई।
एसपी ग्रामीण बलवंत चौधरी के अनुसार साइबर थाने के एक दारोगा व तीन सिपाही राजस्थान गए थे। वहां किसी के नाम निकालने के नाम पर रुपया मांग रहे थे। जिसमें वहां की एंटी करेप्शन व्यूरो ने ट्रैप किया है। इसके पास से दो लाख 80 हजार रुपये पकड़ा गया। जब इसकी जानकारी मिली तो चारों को तत्काल प्रभाव से निलम्बित कर दिया गया।