◆ कोर्ट में शादी के बाद भी पत्नी के रूप में स्वीकार नही कर रहा था आरोपी
◆ खेत में लघुशंका के लिए गई महिला के सिर पर पाने से वार कर की थी हत्या
बाराबंकी। सुबेहा में तैनात महिला आरक्षी की हत्या उसके सिपाही पति ने सामाजिक रूप से पत्नी की दर्जा मांगने पर की थी। जिसका शव 30 जुलाई की सुबह मसौली थाना क्षेत्र के बिंदौरा गांव के पास खेत में मिला था। आरोपी ने पहले गला दबा कर महिला को मरणासन्न कर दिया फिर उसके सिर पर लोहे की राड से कई प्रहार उसे मौत के घाट उतार दिया। मसौली पुलिस, स्वाट एवं सर्विलांस की संयुक्त टीम ने आरोपी को मसौली के भयारा रोड से गिरफ्तार कर लिया। जिसके पास आलाकत्ल लोहे का राड, मृतका का पहचान पत्र, दो एटीएम, नगदी व घटना में प्रयुक्त बैगनार कार बरामद हुई है।
एक जिले के रहने वाले है आरोपी और मृतका
सुलतानपुर जिले रहने वाली महिला जिसकी सुबेहा थाने में महिला आरक्षी के पद पर तैनाती थी। वर्ष 2017 में नियुक्ति के बाद महिला की साथी सिपाही इंद्रेश मौर्य पुत्र दान बहादुर मौर्य से दोस्ती हुई। इंद्रेश भी सुलतानुपर जिले के थाना अखण्डनगर अंतर्गत प्राणनाथपुर का रहने वाला था। दोस्ती के बाद दोनों में प्रेम हो गया। कुछ समय बाद इंद्रेश की सगाई दूसरी लड़की से हो गई तो महिला आरक्षी ने विरोध जताया था। घर वालों के नहीं मानने पर महिला ने इंद्रेश के खिलाफ वर्ष 2024 में कोतवाली नगर में दुष्कर्म का आरोप लगाते हुए मुकदमा भी दर्ज कराया था। जेल जाने के डर से इंद्रेश ने पीड़िता से कोर्ट में शादी कर ली। शादी के बाद महिला ने धारा 164 सीआरपीसी के बयान के समय बोला कि हमारी अब शादी हो चुकी है, और आगे हम कोई कार्रवाई नहीं चाहते है, जिससे मुकदमे में विवेचक ने फाइनल रिपोर्ट लगा दी गई। जिसके बाद भी इंद्रेश महिला को पत्नी के रूप में रखना नहीं चाहता था। महिला भी लगातार इंद्रेश पर सामाजिक रूप से पत्नी का दर्जा देने दबाव बना रही थी। जिसके लिए आत्महत्या करने की भी धमकी दी थी।
पीछा छुड़ाने के लिए कर दी हत्या
महिला के लगातार दबाव बनाने से परेशान इंद्रेश ने पीछा छुड़ाने के लिए उसकी हत्या की योजना बनाई। इंद्रेश ने पता कर लिया कि महिला की ड्यूटी 28 जुलाई को लोध्रेश्वर महादेवा के गर्भगृह में लगाई गई है। जिसके लिए वह 27 जुलाई को सुबेहा थाने से निकलेगी। 27 जुलाई की शाम दोनों के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी भी हुई थी। जिसके बाद इंद्रेश अपने मामा के घर में मोबाइल रख कर वैगनार कार से टेढ़ी पुलिया, देवा होते हुए भयारा रोड से मसौली पहुंच गया। इंद्रेश को पहले से ही महिला की ड्यूटी और आने जाने का समय पता था। इसलिए मसौली में ही महिला के आने का इंतजार करने लगा। इंद्रेश ने महिला को बिंदौरा पुल के पास रोक कर उससे बातचीत की। इसी दौरान महिला ने लघुशंका करने के लिए खेत की ओर चली गई। मौका देख पीछे से पहुंचे इंद्रेश ने महिला का गला दबा कर उसे मरणासन्न कर दिया। बेहोशी अवस्था में उसके सिर पर गाड़ी में रखे पाना से कई प्रहार कर उसे मौत के घाट उतार दिया।
हत्या के बाद दूसरे रास्ते लखनऊ गया आरोपी
आरोपी इंद्रेश महिला की हत्या के बाद जिस रास्ते से आया था मसौली आया था उससे जाने के बजाए दूसरे रासते रानीबाजार तिराहा से त्रिलोकपुर-फतेहपुर-बड्डूपुर-कुर्सी होते हुए रात 01 बजे लखनऊ में अपने मामा के घर चला गया।
किसी को शक न हो इसके लिए मृतका के नंबर पर कर रहा फोन और मैसेज
पुलिस के अनुसार आरोपी ने पूछताछ में बताया कि किसी को उस पर हत्या करने का शक न हो इसलिए 27 जुलाई की रात के बाद दूसरे दिन मृतका के नंबर पर फोन और मैसेज कर रहा था।
घटना टोह लेने बाराबंकी आया आरोपी हुआ गिरफ्तार
हत्या करने के दूसरे दिन आरोपी लखनऊ से जौनपुर चला गया था। आरोपी घटना की टोह लेने के लिए पुन: बाराबंकी आया और 31 जुलाई को भयारा रोड से प्लाईवुड फैक्ट्री के पास से गिरफ्तार कर लिया गया।
आरोपी के लिए महिला ने ले रखा था लोन
एसपी ने बताया कि पैसो को लेकर भी आरोपी और मृतका में कहासुनी होती थी। महिला ने आरोपी के लिए लगभग पांच लाख रूपए का लोन भी ले रखा था। महिला जिस स्कूटी को चलाती थी वह आरोपी के नाम से रजिस्टर्ड थी।