◆ पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय में आयोजित जागरूकता कार्यशाला में दी गई विंटर डिप्रेशन से बचाव की जानकारी
अयोध्या। पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय में आयोजित मौसमी मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता कार्यशाला में जिला चिकित्सालय के मनोपरामर्शदाता डॉ. आलोक मनदर्शन ने शीत ऋतु में बढ़ने वाले विंटर डिप्रेशन को लेकर जानकारी दी। बताया गया कि लगातार गिरता तापमान, कोहरा और धुंध सीजनल अफेक्टिव डिसऑर्डर (एसएडी) के मामलों को बढ़ाते हैं, जिसे आम भाषा में विंटर डिप्रेशन कहा जाता है। इस स्थिति में व्यक्ति उदासी, चिड़चिड़ापन, थकान, नींद की गड़बड़ी, मन न लगना और मूड में बदलाव जैसे लक्षण महसूस करता है।
डॉ. मनदर्शन ने बताया कि धूप की कमी से मस्तिष्क में मौजूद हैप्पी हार्मोन सेरोटोनिन घटने लगता है, जबकि तनाव से जुड़े हार्मोन बढ़ जाते हैं, जिससे अवसाद और चिंता बढ़ती है। साथ ही नींद नियंत्रित करने वाला हार्मोन मेलाटोनिन भी असंतुलित हो जाता है। उन्होंने बताया कि रोजाना धूप में समय बिताना, शरीर व कमरे का तापमान संतुलित रखना, योग, ध्यान और नियमित व्यायाम विंटर डिप्रेशन से बचाव में सहायक हैं। ताजे फल-सब्जियों का सेवन, पर्याप्त पानी और पूरी नींद भी जरूरी है। कार्यशाला में सभी शिक्षक-शिक्षिकाएं उपस्थित रहीं।