Home Ayodhya/Ambedkar Nagar अयोध्या कांग्रेस ने कहा, भाजपा खान-पान को बना रही है राजनैतिक मुद्दा

कांग्रेस ने कहा, भाजपा खान-पान को बना रही है राजनैतिक मुद्दा

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◆ महानगर कांग्रेस ने प्रेसवार्ता के दौरान मछली भात भोज को लेकर दिया जवाब


◆ निषाद समाज के पारम्परिक भोजन को मुद्दा बनाने को बताया समाज का अपमान


अयोध्या, संवाददाता। महानगर कांग्रेस अध्यक्ष सुनील कृष्ण गौतम, पूर्व जिला अध्यक्ष राजेंद्र प्रताप सिंह तथा जिला प्रवक्ता शीतला पाठक ने संयुक्त रूप से आयोजित पत्रकार वार्ता में भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा नौजवान, छात्र, किसान, रोजगार, महंगाई, अर्थव्यवस्था और देश की सीमाओं जैसे वास्तविक मुद्दों पर जवाब देने के बजाय बार-बार धर्म और खान-पान को राजनीतिक मुद्दा बनाने का प्रयास करती है।
उन्होंने कहा कि तारुन क्षेत्र में आयोजित कांग्रेस के कार्यक्रम के बाद कार्यकर्ताओं के लिए भोजन की व्यवस्था की गई थी। निषाद समाज की पारंपरिक जीवनशैली और खान-पान में मछली का महत्वपूर्ण स्थान है। ऐसे में किसी समुदाय के पारंपरिक भोजन को धार्मिक विवाद का विषय बनाकर उस पर सवाल उठाना उस समुदाय की सामाजिक और सांस्कृतिक पहचान पर सवाल उठाने जैसा है।
कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट किया कि तारुन में आयोजित कार्यक्रम के भोजन में प्रदेश अध्यक्ष अजय राय सहित कांग्रेस के किसी वरिष्ठ नेता ने भोजन नहीं किया था। इसके बावजूद भाजपा द्वारा कांग्रेस के नेताओं को मछली परोसने और धर्म का अपमान करने से जोड़कर आरोप लगाना तथ्यहीन और राजनीतिक रूप से प्रेरित है।
उन्होंने कहा कि भाजपा को यदि भोजन और धार्मिक आस्था के मुद्दे पर राजनीति करनी है तो पहले उसे अपने नेताओं के सार्वजनिक बयानों और खान-पान से जुड़े उदाहरणों पर भी समान मापदंड अपनाना चाहिए। बंगाल चुनाव के दौरान भाजपा के कई नेताओं द्वारा सार्वजनिक रूप से मछली खाने से जुड़े प्रसंग सामने आए हैं। हाल के दिनों में भी भाजपा के एक वरिष्ठ नेता से संबंधित मछली खाने का वीडियो और तस्वीरें सार्वजनिक चर्चा में रही हैं। भाजपा को बताना चाहिए कि उसके नेताओं के लिए खान-पान व्यक्तिगत स्वतंत्रता है तो वही स्वतंत्रता विपक्षी दलों और विभिन्न समुदायों के लिए क्यों नहीं है।
महानगर अध्यक्ष सुनील कृष्ण गौतम, पूर्व जिला अध्यक्ष राजेंद्र प्रताप सिंह तथा जिला प्रवक्ता शीतला पाठक ने कहा कि सनातन धर्म का सम्मान केवल भोजन को राजनीतिक हथियार बनाने से नहीं होता। देश के करोड़ों नागरिकों की अलग-अलग खान-पान की परंपराएं हैं और भारत की सामाजिक विविधता का सम्मान करना ही भारतीय संस्कृति की मूल भावना है। किसी समुदाय के पारंपरिक भोजन को अपमान का विषय बनाना सामाजिक सौहार्द के लिए उचित नहीं है।

कांग्रेस नेताओं ने कहा कि जब युवाओं को रोजगार, छात्रों के भविष्य, किसानों की समस्याओं, महंगाई, शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षित सीमाओं और आर्थिक विकास जैसे सवालों पर जवाब देना होता है, तब भाजपा बार-बार धर्म, मंदिर और खान-पान के मुद्दों को सामने लाने लगती है। कांग्रेस का सवाल है कि देश के युवाओं को रोजगार कब मिलेगा, किसानों की समस्याओं का समाधान कब होगा और महंगाई से आम जनता को राहत कब मिलेगी?

उन्होंने कहा कि भारत की जनता को धर्म के नाम पर बांटने की राजनीति नहीं, बल्कि रोजगार, शिक्षा, विकास और सामाजिक सुरक्षा पर ठोस काम चाहिए। भाजपा को चाहिए कि वह तथ्यहीन आरोप लगाने के बजाय वास्तविक जनसमस्याओं पर बहस करे। मौके पर डॉक्टर विनोद गुप्ता, विजय यादव भी उपस्थित रहे.

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