अम्बेडकर नगर। कौमी इंटर कॉलेज के प्रबंधकीय विवाद में ताज तिराहे के पास गोली मारकर हत्या करने के मामले में अदालत ने करीब सात साल बाद फैसला सुनाया है। न्यायालय ने मुख्य आरोपी उबैदुर रहमान को हत्या का दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही उस पर 20 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया गया है।
मामला 16 मई 2019 की रात लगभग साढे बारह बजे का है। अभियोजन के मुताबिक, कौमी इंटर कॉलेज, अयाजपुर के प्रबंधन को लेकर दोनों पक्षों के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। इसी विवाद में पीड़ित को पहले जान से मारने की धमकी भी दी गई थी।
घटना की रात पीड़ित ताज तिराहे के पास बैठा था। इसी दौरान उबैदुर रहमान अपने साथी वसीम के साथ वहां पहुंचा। आरोप है कि उबैदुर ने पीड़ित पर गोली चला दी। गोली लगने से वह गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद परिजन उसे उपचार के लिए लखनऊ ले गए। हालत गंभीर होने पर उसे मेदांता अस्पताल, गुरुग्राम रेफर किया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
मौत के बाद बदली मुकदमे की धाराएं
शुरुआत में पीड़ित के भाई की तहरीर पर पुलिस ने हत्या के प्रयास और जान से मारने की धमकी की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था। घायल की मौत के बाद मुकदमे में हत्या की धारा 302 बढ़ाई गई। विवेचना के दौरान वसीम का नाम भी सामने आया।
12 गवाहों के बयान और साक्ष्यों पर आया फैसला
मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने न्यायालय में 12 गवाहों के बयान दर्ज कराए। अभियोजन की ओर से प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर अदालत ने उबैदुर रहमान को दोषी माना। इसके बाद न्यायालय ने उसे आजीवन कारावास और 20 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।
करीब सात वर्ष पुराने इस हत्याकांड में अदालत के फैसले के बाद पीड़ित परिवार को न्यायिक प्रक्रिया में महत्वपूर्ण राहत मिली है।