Home Ayodhya/Ambedkar Nagar अयोध्या यूपीमेसिकॉन – पहले दिन हुए आठ हाईटेक सर्जरी के लाइव प्रदर्शन

यूपीमेसिकॉन – पहले दिन हुए आठ हाईटेक सर्जरी के लाइव प्रदर्शन

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◆ लाइव ऑपरेशन देख रोमांचित हुए युवा चिकित्सक, विशेषज्ञों ने साझा किए आधुनिक तकनीक के अनुभव


अयोध्या। चिकित्सा जगत को नई दिशा देने के उद्देश्य से राजर्षि दशरथ स्वशासी चिकित्सा महाविद्यालय में शुक्रवार को UPMASICON 2025 का आगाज़ हुआ। तीन दिवसीय इस  सम्मेलन के पहले दिन आठ जटिल शल्य क्रियाएं (ऑपरेशन) आधुनिकतम तकनीकों से लाइव की गईं, जिन्हें सर्जरी हॉल में बैठे चिकित्सकों ने बड़ी गंभीरता से देखा और समझा।

सम्मेलन के दौरान लेजर सर्जरी, लैप्रोस्कोपिक तकनीक और अन्य न्यूनतम इनवेसिव विधियों से बवासीर, भगंदर, वैरिकॉज वेन और ब्रेस्ट कैंसर जैसे जटिल रोगों का उपचार किया गया। मंच से इन ऑपरेशनों का सीधा प्रसारण किया गया, जिससे युवा डॉक्टरों को प्रशिक्षण का व्यावहारिक अनुभव मिला।

यूपी सर्जन एसोसिएशन के संयुक्त सचिव डॉ. अंकुर बंसल ने बताया कि इस आयोजन में देशभर से आए विशेषज्ञ सर्जनों ने अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि लेजर तकनीक के जरिए किए गए ऑपरेशन में न कट लगता है, न टांका, और न ही मरीज को अधिक दवाओं की आवश्यकता होती है। ऑपरेशन के तुरंत बाद मरीज अपने पैरों पर खड़ा हो जाता है।

सम्मेलन के पहले दिन देशभर से आए नामी चिकित्सकों और सर्जनों ने अत्याधुनिक सर्जरी तकनीकों का लाइव प्रदर्शन किया। इसमें प्रोक्टोलॉजी  डॉ. अंकुर बंसल, आगरा , एंडोस्कोपी डॉ. एस. ईश्वरमूर्ति, तमिलनाडु, डॉ. अंशिका अरोड़ा मित्तल, डॉ. एम.सी. पांडे एंडोयूरोलॉजी  डॉ. अचल गुप्ता, डॉ. हरिओम,  थायरॉइड सर्जरी डॉ. अंशिका मित्तल, पैरोटिड सर्जरी डॉ. आनंद मिश्रा, लैप्रोस्कोपिक कोलेसिस्टेक्टोमी – डॉ. संजय गौतम, टीईपी  डॉ. विकास सिंह, टीएपीपी  डॉ. राजीव सिन्हा, ईवीएलटी डॉ. बृजेश सिंह, लैप्रोस्कोपिक पाइएलोलिथोटॉमी  डॉ. शिवाकांत मिश्रा शामिल हैं।

तीन प्रमुख वर्कशॉप—प्रोक्टोलॉजी, एंडोस्कोपी और एंडोयूरोलॉजी आयोजित की गईं, जहां चिकित्सकों को नवीनतम सर्जिकल उपकरणों और विधियों की जानकारी दी गई। आयोजन के दौरान मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. सत्यजीत वर्मा, सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. एमसी पांडे, डॉ. हरिओम, डॉ. शिवाकांत मिश्रा सहित कई गणमान्य सर्जन उपस्थित रहे।

विशेषज्ञों ने आधुनिक उपकरणों और नई उपचार विधियों पर विस्तार से चर्चा की। कार्यक्रम का आयोजन सर्जरी विभाग द्वारा किया जा रहा है, जो दो दिनों तक जारी रहेगा। सम्मेलन में दूसरे व तीसरे दिन व्याख्यान सत्र, शोध पत्र प्रस्तुति और पैनल डिस्कशन होंगे।

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