जलालपुर अम्बेडकर नगर। जलालपुर कोतवाली में तैनात एक उपनिरीक्षक सहित तीन कांस्टेबलों को अपर पुलिस अधीक्षक ने तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर कर दिया है। यह कार्रवाई थाना क्षेत्र के बड़ा गांव निवासी मंसाराम की शिकायत के बाद की गई, जिससे पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है और मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।
बताया जाता है कि मंसाराम के बच्चों पर एक युवती को प्रताड़ित करने का आरोप था, जिस संबंध में जलालपुर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कर जांच की जा रही थी। इसी सिलसिले में पूछताछ के लिए पुलिस मंसाराम को कोतवाली लेकर आई थी। मंसाराम का आरोप है कि पूछताछ के दौरान उपनिरीक्षक शैलेंद्र चौधरी तथा कांस्टेबल अंगद मौर्य, संजीव सिंह और धीरेंद्र कुमार ने उसके साथ मारपीट की।
आरोपों के बाद पुलिस द्वारा मंसाराम का मेडिकल परीक्षण जलालपुर नगपुर स्थित अस्पताल में कराया गया, जहां मेडिकल रिपोर्ट में दो दिन पुरानी चोटों का उल्लेख किया गया। इसके उपरांत पीड़ित ने मामले की शिकायत उच्चाधिकारियों से की। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए अपर पुलिस अधीक्षक ने एसआई सहित तीनों कांस्टेबलों को लाइन हाजिर कर विभागीय जांच के आदेश दे दिए।
वहीं, इस पूरे प्रकरण पर जलालपुर कोतवाल संतोष कुमार सिंह का कहना है कि मंसाराम के साथ किसी प्रकार की मारपीट नहीं की गई। उनके अनुसार मेडिकल रिपोर्ट में दर्ज चोटें पहले की हैं और घटना से संबंधित नहीं हैं।
फिलहाल मामला विभागीय जांच के अधीन है और कार्रवाई के बाद से क्षेत्र में पुलिस की भूमिका को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं।