अयोध्या। राम मंदिर निर्माण समिति की दो दिवसीय बैठक संपन्न हो गई। बैठक के उपरांत मीडिया से बातचीत करते हुए राम मंदिर ट्रस्ट के चेयरमैन नृपेंद्रमिश्रा ने मंदिर निर्माण से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां साझा कीं।
उन्होंने बताया कि 30 अप्रैल 2026 तकराममंदिरसेसंबंधितसभीनिर्माणकार्यपूर्णकरलिएजाएंगे। निर्माण कार्य पूरा होने के बाद निर्माण एजेंसियां एलएंडटी (L&T) और टाटाकंसलटेंसी मंदिर परिसर से हट जाएंगी। इसके साथ ही सभी दस्तावेजों को अंतिम रूप देने और बिलों के भुगतान की प्रक्रिया भी 30 अप्रैल तक पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।
नृपेंद्र मिश्रा ने बताया कि एलएंडटी और टाटा कंसलटेंसी ने मंदिर निर्माण कार्य पर तीनवर्षोंकीगारंटी दी है। साथ ही मंदिर के रखरखाव के लिए दोनों संस्थानों की एक छोटीतकनीकीइकाई (स्मॉलयूनिट) मंदिर परिसर में तैनात रहेगी। एलएंडटी, टाटा कंसलटेंसी और राज्य निर्माण निगम के साथ किए गए सभी एग्रीमेंट अब ट्रस्ट के अधीन कर लिए जाएंगे।
उन्होंने बताया कि ऑडिटोरियमकानिर्माणकार्यअभीशेषहै, जिसे अप्रैल 2026 तक पूरा किए जाने की संभावना है। राम मंदिर निर्माण पर कुल करीब 1900 करोड़रुपये खर्च होने का अनुमान है, जिसमें से अब तक 1600 करोड़रुपयेकाभुगतानजीएसटीसहित किया जा चुका है।
नृपेंद्र मिश्रा ने जानकारी दी कि कैंसरइंस्टीट्यूटकाडिजाइनतैयारहोचुकाहै, हालांकि भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया में देरी हो रही है। वहीं, सप्तमंदिरमेंआमश्रद्धालुओंकेदर्शनमार्चमहीनेसेशुरूहोनेकीसंभावना जताई गई है।