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बरसात में सर्पदंश का बढ़ा खतरा, अस्पताल में रोज पहुंच रहे है मरीज

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◆ जुलाई में 124 पीड़ितों का हुआ इलाज, 19 की हालत बिगड़ने पर किया गया रेफर


◆ गांवों में ज्यादा मामले, स्वास्थ्य विभाग ने दिया एहतियात बरतने की सलाह


अयोध्या। बारिश के मौसम में सर्पदंश की घटनाएं बढ़ गयी है। पिछले माह जुलाई में सर्पदंश की जानकारी देने पर करीब 124 मरीजों को जिला अस्पताल में भर्ती करके उनका इलाज किया गया। इसमें 19 की हालत बिगड़ने पर उन्हें उच्च संस्थानों में इलाज के लिए रेफर किया गया। स्वास्थ्य विभाग ने इस मौसम में जागरुक रहने की सलाह दिया है।



                  सर्पदंश की घटनाएं ग्रामीण क्षेत्रों में ज्यादा आ रही है। इसमें 70 प्रतिशत मरीजों को विषहीन सर्प काट रहा है। जिला अस्पताल में रोजाना करीब 10 से 12 मरीज जिला अस्पताल में सर्पदंश की आशंका लेकर पहुंच रहे है। अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों को पहले भर्ती किया जाता है। जिनमें से पांच से छह मरीजों में सांप के काटने के लक्षण पाए जाते हैं। डॉक्टरों का कहना है कि वर्षा ऋतु में सांप सूखी जगह की तलाश में घरों और बस्तियों तक आ जाते हैं, जिससे काटने की घटनाएं सामने आती हैं। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को सावधानी बरतने के लिए आगाह किया है। खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में खेतों में काम करते समय जूते पहनने, झाड़ियों की समय-समय पर सफाई करने और रात में मच्छरदानी में सोने की स्वास्थ्य विभाग ने अपील की है।

भारतीय प्राणी सर्वेक्षण 2023 के मुताबिक, भारत में सांपों के 354 प्रजातियां हैं। इनमें से 60-65 जहरीले हैं। 4 सबसे जहरीले सांपों को बिग-4 कहा जाता है जिनमे कोबरा, करैत, रसेल वाइपर व सा स्केलेड वाइपर हैं।

जिला अस्पताल के ईएमओ डा. आशुतोष सिंह ने बताया कि सांप के काटने का लक्षण दिखने पर उसका त्वरित इलाज किया जाता है। उसे एंटी वेनम की डोज दी जाती है। मरीज की लगातार निगरानी की जाती है। अगर हालत में सुधार नहीं होता है व लक्षण आना जारी रहता है तो उसे रेफर कर दिया जाता है।


सीएचसी पर उपलब्ध है एंटी वेनम इंजेक्शन


मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. सुशील कुमार बानियान का कहना है कि जिले के सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर एंटी वेनम इंजेक्शन की व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि सांप के काटने की सम्भावना होने पर झाड़-फूंक में समय न गवाएं, क्योंकि पहला घंटा मरीज की जान बचाने के लिए बेहद अहम होता है।

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