अयोध्या। धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित रखने के उद्देश्य से अयोध्या के प्राचीन कुंडों का जीर्णोद्धार कार्य तेजी से जारी है। 14 कोसी परिक्रमा मार्ग के तहत आने वाले गिरिजा कुंड, लक्ष्मी सागर कुंड, विभीषण कुंड, विघ्नेश्वर नाथ मंदिर और वैतरणी कुंड को पुनर्संवारा जा रहा है। पर्यटन विभाग द्वारा 21.25 करोड़ रुपये की लागत से इन स्थलों पर सौंदर्यीकरण और पर्यटक सुविधाओं के विस्तार का कार्य किया जा रहा है।
लगभग 42 किलोमीटर लंबा यह परिक्रमा मार्ग अयोध्या के प्रमुख धार्मिक स्थलों को जोड़ता है, जिसमें श्रीराम जन्मभूमि, हनुमान गुफा, मानस भवन, हरिधाम महादेवा मंदिर आदि शामिल हैं। कार्तिक माह में अक्षय नवमी के दिन लाखों श्रद्धालु इस मार्ग की परिक्रमा करते हैं। श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए परिक्रमा मार्ग पर स्थित कुंडों के आस-पास घाटों का निर्माण, सफाई व्यवस्था, बैठने की सुविधा और प्रकाश व्यवस्था जैसे कार्यों को प्राथमिकता के साथ किया जा रहा है।
21.25 करोड़ की लागत से हो रहा कार्य

पर्यटन विभाग की देखरेख में चल रहे इस परियोजना के अंतर्गत कुल 21.25 करोड़ रुपये की लागत से कुंडों के आसपास बुनियादी सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। इनमें जल निकासी, शौचालय, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था और घाटों का निर्माण प्रमुख हैं।
