अयोध्या । मुस्लिम समुदाय द्वारा स्थानीय चंद्र दर्शन के अनुसार 3/4 फरवरी 2026 को शब-ए-बरात पर्व परंपरागत रूप से मनाए जाने की संभावना है। इसे लेकर जिला प्रशासन ने शांति, कानून व्यवस्था और जनसुरक्षा बनाए रखने के लिए व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। जिलाधिकारी निखिल टीकाराम फुंडे ने बताया कि शब-ए-बरात के अवसर पर मुस्लिम समुदाय के लोग रात्रि में अपने घरों, मस्जिदों, मजारों और कब्रिस्तानों में रोशनी करते हैं तथा नमाज, कुरानखानी और फातिहा पढ़ने के लिए देर रात तक आवागमन बना रहता है।
जिलाधिकारी ने बताया कि शिया समुदाय द्वारा बारहवें इमाम मेहदी के जन्मदिवस के उपलक्ष्य में शिया मस्जिद चौक पर रोशनी की जाती है। शब-ए-बरात के दूसरे दिन फज्र की नमाज के बाद शिया समुदाय का जुलूस शिया मस्जिद चौक से सरयू नदी के जमधरा व धारा रोड घाट तक जाता है, जहां अरीजा (अरजी) नदी में डाली जाती है।
शहर के विभिन्न कब्रिस्तानों और मजारों सहित ताड़ की तकिया, रिकाबगंज, वजीरगंज, बेनीगंज, गुलाब शाह की मजार, लालबाग, गणेशनगर, नौगजी, शाह इब्राहिम शाह, गोलाघाट, स्वर्गद्वार सहित अन्य स्थानों पर रोशनी और फातिहा का आयोजन किया जाता है। इसी प्रकार जनपद के ग्रामीण क्षेत्रों में भी मुस्लिम बहुल इलाकों में देर रात तक कार्यक्रम चलते हैं, जहां महिलाओं और बालिकाओं की आवाजाही बनी रहती है।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि शांति और कानून व्यवस्था के दृष्टिगत सभी थानों और चौकियों पर शांति समिति की बैठकें समय से आयोजित की जाएं। किसी भी असामान्य स्थिति की सूचना तत्काल जिला प्रशासन और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को दी जाए। नगर निकाय, पंचायती राज और पशु चिकित्सा विभाग को भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों से निराश्रित पशुओं को हटाने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के तहत जारी निषेधाज्ञा के अनुपालन को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।