अम्बेडकर नगर। जनपद में बीते दो दिनों से हो रही बारिश के बीच गोवंशों की सुरक्षा और देखभाल को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। मुख्य विकास अधिकारी के निर्देश पर जनपद की सभी 38 गोवंश आश्रय स्थलों की निगरानी और समीक्षा की जा रही है। विकास भवन में बने नियंत्रण कक्ष से गोशालाओं की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है, वहीं पशुपालन विभाग की टीम मिशन मोड में जुटी है।
सोमवार को जनपद के सभी उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी और पशु चिकित्साधिकारियों ने एक साथ सभी गोशालाओं का भौतिक निरीक्षण कर स्थिति का जायजा लिया। राहत की बात यह रही कि किसी भी गो आश्रय स्थल पर जलभराव की गंभीर स्थिति नहीं पाई गई है। गोवंशों के लिए भूसा, हरा चारा व पशु आहार की पहले से ही पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित कर ली गई है।
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी ने विकास खंड अकबरपुर स्थित सैदपुर भितरी और हरखपुर कौड़हा तथा जलालपुर क्षेत्र के पतोहा गनेपुर गो आश्रय स्थलों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की पुष्टि की। निरीक्षण के दौरान कुछ स्थानों पर हल्की कीचड़ और मामूली जलजमाव की स्थिति देखी गई, जिसे दुरुस्त करने के निर्देश संबंधित पंचायत सचिवों और ग्राम प्रधानों को दे दिए गए हैं।
पशुपालन विभाग ने बाढ़ की आशंका को देखते हुए आपात स्थिति से निपटने के लिए टीमें गठित कर दी हैं। विभाग के मुताबिक, बाढ़ की स्थिति में पशुओं में गला घोंटू रोग फैलने की आशंका अधिक होती है, जिसको लेकर पहले ही टीकाकरण कराया जा चुका है। यदि कोई पशु टीकाकरण से छूट गया है, तो उसे चिन्हित कर तुरंत टीका लगाया जा रहा है।
भविष्य में चारे की कमी न हो, इसके लिए भूसा आपूर्ति हेतु टेंडर भी कर लिया गया है। आवश्यकता पड़ने पर तत्काल भूसे की आपूर्ति शुरू कर दी जाएगी। पशुपालन विभाग ने स्पष्ट किया है कि जनपद में दवाओं की भी कोई कमी नहीं है और हर स्थिति से निपटने के लिए विभाग पूरी तरह तैयार है।