अम्बेडकर नगर। जनपद में यूरिया, डीएपी, एनपीके सहित अन्य उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित कर ली गई है। किसानों को उर्वरकों की कोई किल्लत न हो, इसके लिए प्रशासन ने कमर कस ली है। जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला के निर्देश पर अपर जिलाधिकारी डॉ. सदानंद गुप्ता ने शनिवार को कलेक्ट्रेट सभागार में उर्वरक आपूर्ति व वितरण की स्थिति पर पत्रकारों से बातचीत की।
उन्होंने बताया कि जनपद में एचयूआरएल की 550 मीट्रिक टन व आरसीएफ की 421 मीट्रिक टन यूरिया प्राप्त हो चुकी है, जिसे सहकारी व निजी बिक्री केंद्रों पर भेजा जा रहा है। सहकारिता में एचयूआरएल की 307 मीट्रिक टन व निजी में 243 मीट्रिक टन यूरिया पहुंचाई जा रही है। इसी प्रकार आरसीएफ की 300 मीट्रिक टन यूरिया सहकारी संस्थाओं को और 121 मीट्रिक टन निजी विक्रेताओं को भेजी गई है।
एडीएम ने बताया कि अगस्त माह तक निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष अब तक यूरिया, डीएपी, एनपीके, एसएसपी और एमओपी की पर्याप्त उपलब्धता हो चुकी है। वर्तमान में सहकारिता और निजी क्षेत्र में यूरिया 6003 मीट्रिक टन, डीएपी 2657 मीट्रिक टन, एनपीके 825 मीट्रिक टन, एसएसपी 6470 मीट्रिक टन और एमओपी 235 मीट्रिक टन उपलब्ध है। यूरिया का फुटकर मूल्य 266.50 और डीएपी का 1350 रुपए प्रति बोरी तय किया गया है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि उर्वरकों की टैगिंग, स्टॉक छिपाना या अधिक मूल्य पर बिक्री करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। अब तक जनपद में 315 उर्वरक दुकानों पर छापेमारी की जा चुकी है, जिसमें 50 नमूने लिए गए हैं। जांच के बाद 32 विक्रेताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है, पांच के लाइसेंस निलंबित और एक का लाइसेंस निरस्त कर दिया गया है।
किसानों को सलाह दी गई है कि वे केवल पीओएस मशीन के माध्यम से ही उर्वरक प्राप्त करें और अपनी जोत व फसल की आवश्यकता के अनुसार ही खाद खरीदें। धान की दूसरी टॉप ड्रेसिंग के विकल्प के रूप में नैनो यूरिया का उपयोग किया जा सकता है। इस अवसर पर उपनिदेशक कृषि डॉ. अश्विनी कुमार सिंह, जिला कृषि अधिकारी, एआर कोऑपरेटिव सहित कई वरिष्ठ अधिकारी व पत्रकार उपस्थित रहे।