जलालपुर, अंबेडकर नगर। शासन की मंशा के अनुरूप आमजन की समस्याओं के त्वरित एवं प्रभावी निस्तारण के लिए आयोजित होने वाला थाना समाधान दिवस जलालपुर कोतवाली में लोगों के लिए महज औपचारिकता बनकर रह गया है। राजस्व विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की अनुपस्थिति के कारण जमीन संबंधी शिकायतों का निस्तारण नहीं हो पा रहा है, जिससे फरियादियों को निराश होकर वापस लौटना पड़ रहा है।
शनिवार को आयोजित थाना समाधान दिवस में कुल 18 शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें से 13 मामले राजस्व विभाग से संबंधित थे। हालांकि राजस्व विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों की गैरमौजूदगी के चलते इन शिकायतों का मौके पर कोई प्रभावी समाधान नहीं निकल सका। सबसे अधिक चिंता की बात यह रही कि समाधान दिवस में न तो उप जिलाधिकारी, न तहसीलदार, न ही नायब तहसीलदार उपस्थित रहे। यहां तक कि एक भी लेखपाल की मौजूदगी दर्ज नहीं की गई। राजस्व विभाग की ओर से केवल दो कानूनगो ही कार्यक्रम में शामिल हुए।
थाना समाधान दिवस की अध्यक्षता क्षेत्राधिकारी जलालपुर अनूप कुमार शुक्ला ने की। उन्होंने प्राप्त शिकायतों को संबंधित विभागों को भेजते हुए उनके गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश दिए। लेकिन राजस्व विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों की अनुपस्थिति ने शासन की मंशा और समाधान दिवस की उपयोगिता पर सवाल खड़े कर दिए।
गौरतलब है कि थाना समाधान दिवस का उद्देश्य पुलिस और राजस्व विभाग की संयुक्त भागीदारी से विशेष रूप से भूमि एवं कब्जा संबंधी विवादों का मौके पर समाधान कराना है। ऐसे मामलों में राजस्व अधिकारियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। इसके बावजूद अधिकारियों की लगातार गैरहाजिरी के कारण अधिकांश भूमि विवाद लंबित बने हुए हैं और फरियादियों को बार-बार तहसील व थाने के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।