◆ 75 वर्षीयरोगीकासफल M-TEER / MY CLIP—बिनाबेहोशीऔरबिनाओपनहार्टसर्जरीहृदयउपचारमेंनयामीलकापत्थर
लखनऊ। उन्नत हृदय उपचार के क्षेत्र में टेंडर पाम हॉस्पिटल ने एक और ऐतिहासिक सफलता दर्ज की है। अस्पताल में 75 वर्षीय महिला मरीज का दूसरा सफल माइट्रलवाल्वट्रांसकैथेटरएज–टू–एजरिपेयर (M-TEER / MY CLIP) किया गया, जो उन मरीजों के लिए जीवनदायी विकल्प साबित हो रहा है जिनमें पारंपरिक ओपन हार्ट सर्जरी का जोखिम अत्यधिक होता है।
इस महत्वपूर्ण प्रक्रिया का नेतृत्व अस्पताल के हृदय रोग विभाग के निदेशक डॉ. गौतमस्वरूप ने किया। उन्होंने बताया कि M-TEER तकनीक में न तो मरीज को बेहोश करने की जरूरत होती है और न ही सीना खोलने की। पैर की नस से कैथेटर के जरिए हृदय तक पहुंचकर वाल्व की मरम्मत की जाती है। मात्र 40–45 मिनट में पूरी प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी की गई। उपचार के बाद मरीज की सांस लेने में तुरंत सुधार देखा गया और अगले ही दिन उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
उन्होंने बताया कि मरीज लंबे समय से वाल्वलरहार्टडिजीज और सीवियरमाइट्रलरिगर्जिटेशन (Severe MR) से पीड़ित थीं। बार-बार हार्ट फेल्योर एपिसोड, सांस फूलना और कई बार वेंटिलेटर सपोर्ट तक की स्थिति बनने के कारण उनकी हालत बेहद गंभीर थी। बढ़ती आयु और कमजोर स्वास्थ्य को देखते हुए ओपन हार्ट सर्जरी को जोखिमपूर्ण माना गया। विस्तृत मूल्यांकन के बाद विशेषज्ञ टीम ने उन्हें M-TEER प्रक्रिया के लिए उपयुक्त पाया। उपचार टीम में वरिष्ठ कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. मोहितमोहनसिंह, डॉ. आदेशकुमारसिंहऔरडॉ. कृष्णकुमारसहानी शामिल थे।
डॉ. गौतम स्वरूप ने कहा कि आधुनिक कार्डियोलॉजी में अब बिना ओपन हार्ट सर्जरी के हृदय के सभी चार वाल्व बदले जा सकते हैं। M-TEER ऐसी ही सुरक्षित और अत्याधुनिक विधियों में से एक है। टेंडर पाम हॉस्पिटल में यह दूसरा सफल M-TEER केस है।