अयोध्या। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ ने मंगलवार को टेट परीक्षा से शिक्षकों को मुक्त रखने की मांग को लेकर प्रधानमंत्री व केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन एसडीएम सदर को सौंपा। संघ के जिलाध्यक्ष अवधेश यादव ने बताया कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय के अनुसार आरटीई अधिनियम 2009 लागू होने से पूर्व नियुक्त प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक शिक्षकों को दो वर्ष के भीतर टीईटी उत्तीर्ण न करने पर अनिवार्य सेवानिवृत्ति का खतरा है। इस निर्णय से देशभर के लगभग 20 लाख शिक्षक प्रभावित होंगे।
संघ ने ज्ञापन के माध्यम से सरकार से अपील की कि आरटीई अधिनियम लागू होने से पहले नियुक्त शिक्षकों पर टीईटी थोपना न्यायसंगत नहीं है। किसी वैकल्पिक व्यवस्था पर विचार किया जाना चाहिए ताकि शिक्षकों का रोजगार सुरक्षित रह सके। संघ ने इसे भारतीय संविधान के अनुच्छेद 21 में निहित गरिमा और जीविका के अधिकार से जुड़ा मुद्दा बताया।
ज्ञापन सौंपने वालों में जिलाध्यक्ष अवधेश यादव, जिला मंत्री अशोक वर्मा, कोषाध्यक्ष फूलचंद सरोज, डॉ. मनुजेश यादव, डॉ. मुकेश आनंद, अजय वर्मा सहित सैकड़ों शिक्षक मौजूद रहे।