पूराबाजार, अयोध्या । अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के मौजूदा ट्रस्ट में मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के प्रत्यक्ष वंशजों यानि कि सूर्यवंश क्षत्रियों को शामिल नहीं करने से उनके वंशजो में अत्यंत नाराजगी और अत्यंत पीड़ा है । उनका मानना है कि राम मंदिर निर्माण के लिए सदियों से संघर्ष और त्याग के बाद प्रभुश्री राम के मूल वंशजों को ट्रस्ट में प्रतिनिधित्व न मिलना उनके ऐतिहासिक और भावनात्मक जुड़ाव की अनदेखी थी , परन्तु आज 22 जुलाई दिन बुधवार को राम मंदिर के प्रबंधन और देख – रेख वाले नवगठित ट्रस्ट में सूर्यवंश समाज के किसी भी दो प्रमुख व्यक्ति को शामिल करें जिससे उनके बलिदान , आत्मसम्मान और वंशानुगत अधिकारों को उचित स्थान मिल सके ।
यह बात पूराबाजार स्थित सूर्यवंशियों की सिद्धपीठ चक्रवर्ती सम्राट राजा दशरथ समाधि स्थल पर स्थापित सूर्यवंशी भवन में सूर्यवंश क्षत्रियों को संबोधित करते हुए क्षत्रिय उत्थान समिति के वयोवृद्ध नेता /संरक्षक दादा गुरु प्रसाद सिंह ने एक विशेष भेंट में बताते हुए कहा कि हमारे पूर्वजों का मानना है कि अयोध्या के 121 गांवों से संबंधित राम वंशज क्षत्रियों ने सदियों तक मुगलों के खिलाफ खूनी संघर्ष किया और वहीं मंदिर वापस मिलने तक सिर पर पगड़ी और पैरों में जूते न पहनने की शपथ ली थी ।
संरक्षक दादा श्री गुरु प्रसाद सिंह का मानना है कि राम मंदिर के लिए हुए लंबे संघर्ष और कारसेवा में यहाँ के सूर्यवंशी क्षत्रियों के साथ, बहादुर ब्राह्मणों व करीब करीब अनेक जातियों के जांबाजों ने बढ़ चढ़ कर बलिदान दिया । परन्तु जब ट्रस्ट का गठन हुआ तो उस निःस्वार्थ योगदान को उचित सम्मान नहीं मिला ।
सूर्यवंशी क्षत्रिय उत्थान समिति के संरक्षक दादा गुरु प्रसाद के साथ नवगठित मंदिर ट्रस्ट में आज रामवंशजों को शामिल करने की मांग करने वालों में वरिष्ठ क्षत्रिय नेता / उपाध्यक्ष जंगबहादुर सिंह देवगढ़ ,अनिल कुमार सिंह , लाल साहब सिंह , अमरजीत सिंह , भाजपा नेता सुधीर सिंह मुन्ना , निवर्तमान मण्डलाध्यक्ष नंद कुमार सिंह , अभिनव सिंह पिन्टू , वीरेन्द्र सिंह , पवन कुमार सिंह , सुरेश सिंह , विजय प्रताप सिंह , सतीश कुमार सिंह , संतोष सिंह , राकेश सिंह तथा प्रधान रमेश सिंह आदि प्रमुख थे ।