Home Ayodhya/Ambedkar Nagar अम्बेडकर नगर 100 फीसदी उपस्थिति पर छात्रों का सम्मान, मेधावियों को मिली साइकिल

100 फीसदी उपस्थिति पर छात्रों का सम्मान, मेधावियों को मिली साइकिल

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जलालपुर, अंबेडकर नगर। शिक्षा के क्षेत्र में अनुशासन, नियमित उपस्थिति और स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शनिवार को संज्ञान ग्लोबल एकेडमी में भव्य सम्मान समारोह आयोजित किया गया। समारोह में पूरे शैक्षिक सत्र के दौरान 100 प्रतिशत उपस्थिति दर्ज करने वाले कक्षा आठ तक के मेधावी विद्यार्थियों को साइकिल देकर सम्मानित किया गया। सम्मान पाकर बच्चों के चेहरे खुशी से खिल उठे, जबकि अभिभावकों ने विद्यालय की इस पहल की सराहना की।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विद्यालय प्रबंधक हर्षवर्धन सिंह ने कहा कि नियमित विद्यालय आने वाले विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, अनुशासन, समयपालन और पढ़ाई के प्रति गंभीरता स्वतः विकसित होती है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में बच्चों को केवल किताबों तक सीमित रखना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें स्वस्थ जीवनशैली और जिम्मेदार नागरिक बनने की प्रेरणा देना भी जरूरी है। इसी सोच के तहत विद्यार्थियों को साइकिल देकर आत्मनिर्भर और जागरूक बनाने का प्रयास किया जा रहा है।

उन्होंने छात्र-छात्राओं और अभिभावकों से अधिक से अधिक बच्चों को साइकिल से विद्यालय भेजने की अपील करते हुए कहा कि इससे स्वास्थ्य बेहतर रहेगा, पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा और डीजल-पेट्रोल की बचत भी होगी। विद्यालय प्रबंधक ने घोषणा की कि आगामी शैक्षिक सत्र में कक्षा नौ व दस के नियमित उपस्थिति वाले विद्यार्थियों को टैबलेट तथा कक्षा 11 व 12 के छात्रों को शैक्षणिक भ्रमण का अवसर दिया जाएगा।

सम्मानित होने वाले विद्यार्थियों में एलकेजी के अभय यादव, यूकेजी की आरजू वर्मा, कक्षा एक के आरुष यादव, कक्षा दो के अभय, कक्षा तीन की मानवी सिंह, कक्षा चार के दर्पण वर्मा, कक्षा पांच के तेजस पटेल व अर्पित मिश्रा, कक्षा छह के देव सिंह तथा कक्षा सात की अर्पिता मिश्रा शामिल रहीं। विद्यालय परिसर तालियों की गड़गड़ाहट और बच्चों के उत्साह से गूंज उठा।

इस दौरान शिक्षकों ने भी विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि नियमित उपस्थिति ही सफलता की पहली सीढ़ी है। अभिभावकों से बच्चों को प्रतिदिन समय से विद्यालय भेजने की अपील की गई। विद्यालय प्रबंधन ने कहा कि संस्था का उद्देश्य केवल परीक्षा में अच्छे अंक दिलाना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में जिम्मेदारी, अनुशासन और लक्ष्य के प्रति समर्पण की भावना विकसित करना भी है।

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