जलालपुर अम्बेडकरनगर। सूचना का अधिकार के तहत मांगी गई जानकारी उपलब्ध न कराने के मामले में उत्तर प्रदेश राज्य सूचना आयोग ने जलालपुर तहसील के जन सूचना अधिकारी के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। राज्य सूचना आयुक्त सुधीर कुमार सिंह ने द्वितीय अपील की सुनवाई के दौरान जन सूचना अधिकारी को अंतिम अवसर देते हुए कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए हैं।
सुनवाई में अपीलकर्ता धर्मेश कुमार स्वयं उपस्थित हुए, जबकि जन सूचना अधिकारी की ओर से लेखपाल सुमित कुमार ने पक्ष रखा। लेखपाल ने आयोग को बताया कि मांगी गई सूचना आरटीआई नियमावली के तहत उपलब्ध कराए जाने योग्य नहीं है। वहीं धर्मेश कुमार ने आरोप लगाया कि उनसे संबंधित गेट हटाने की कार्रवाई से जुड़े अभिलेख और अन्य महत्वपूर्ण सूचनाएं जानबूझकर उपलब्ध नहीं कराई जा रही हैं।
आयोग ने अपने आदेश में कहा कि 13 मई को तहसीलदार, जलालपुर को मामले से संबंधित सभी अभिलेख, अधीनस्थ कर्मचारियों की रिपोर्ट तथा गेट हटाने की कार्रवाई से जुड़ी पत्रावलियां प्रस्तुत करने के साथ आवेदक को स्पष्ट एवं पूर्ण सूचना उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद आदेश का पालन नहीं किया गया, जो आयोग के निर्देशों की अवहेलना है।
राज्य सूचना आयोग ने जन सूचना अधिकारी को 15 दिन के भीतर धर्मेश कुमार को प्रमाणित एवं बिंदुवार सूचना उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। साथ ही अगली सुनवाई में स्वयं उपस्थित होकर सूचना देने में हुई देरी का लिखित स्पष्टीकरण भी प्रस्तुत करने को कहा है।
आयोग ने स्पष्ट किया है कि यदि आदेश का समय से पालन नहीं किया गया तो सूचना का अधिकार अधिनियम के प्रावधानों के तहत अर्थदंड अधिरोपित कर उसकी वसूली की कार्रवाई की जाएगी। मामले की अगली सुनवाई 13 अगस्त को निर्धारित की गई है।