अयोध्या। सिंधी समाज, अयोध्या की ओर से रविवार को रामनगर कॉलोनी स्थित संत नवलराम दरबार में आयोजित प्रेसवार्ता में राम मंदिर के लिए समाज द्वारा किए गए समर्पण को लेकर उठाए गए सवालों पर नाराजगी जताई गई। समाज के पदाधिकारियों ने कहा कि कुछ लोगों ने राजनीतिक उद्देश्य से समाज की आस्था और योगदान पर सवाल खड़े किए हैं, जिससे पूरा सिंधी समाज आहत है।
संदीप मंध्यान की ओर से जारी प्रेस नोट में कहा गया है कि सिंधी समाज स्वयं को भगवान श्रीराम का वंशज और सनातन परंपरा का अनुयायी मानता है। समाज ने राम मंदिर आंदोलन से लेकर मंदिर निर्माण तक हर चरण में अपना योगदान दिया है और भविष्य में भी राम मंदिर के प्रति उसकी आस्था और समर्पण बना रहेगा।
समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि कुछ लोगों ने विपक्ष के इशारे पर अपनी राजनीतिक महत्वाकांक्षा पूरी करने के लिए समाज द्वारा राम मंदिर के लिए दिए गए समर्पण का हिसाब मांगा। उन्होंने कहा कि सिंधी समाज देने में विश्वास रखता है, हिसाब मांगने में नहीं। उनका आरोप है कि इस प्रकार के बयान देकर समाज की भावनाओं को ठेस पहुंचाने का प्रयास किया गया है।
प्रेसवार्ता में यह भी कहा गया कि मामले की जांच के लिए मुख्यमंत्री द्वारा गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) की रिपोर्ट का इंतजार किया जाना चाहिए था। रिपोर्ट आने से पहले लगाए गए आरोपों को उन्होंने तथ्यहीन और दुर्भावनापूर्ण बताया।
सिंधी समाज ने कहा कि यदि राम मंदिर से जुड़े मामले में किसी ने कोई अनियमितता की है तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई होनी चाहिए। समाज ने मुख्यमंत्री से मांग की कि जांच में जो भी दोषी पाए जाएं, उनके विरुद्ध कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।