अयोध्या। नगर निगम अयोध्या द्वारा संचालित कान्हा गौशाला में व्याप्त अव्यवस्थाओं के विरोध में शुक्रवार को “गौमाता न्याय सत्याग्रह” का आयोजन किया गया। शांतिपूर्ण सत्याग्रह के माध्यम से गायों की बदहाली, भूख, बीमारी और असमय मौतों के खिलाफ आवाज उठाई गई। सत्याग्रह का नेतृत्व युवा कांग्रेस के उपाध्यक्ष शरद शुक्ला ने किया।
शरद शुक्ला ने कहा कि गौमाता हमारी संस्कृति की आत्मा हैं, लेकिन नगर निगम की संवेदनहीनता से उनकी दुर्दशा हो रही है। अधिवक्ता शांतनु कृष्ण सिंह ने आरोप लगाया कि सरकार द्वारा भेजा गया धन जिम्मेदार अफसरों द्वारा बंदरबांट में खर्च हो रहा है। समाजसेविका प्रज्ञा गुप्ता ने बताया कि एनिमल वेलफेयर बोर्ड ने भी इस मामले को संज्ञान में लिया है। प्रदर्शन के दौरान महापौर गिरीशपति त्रिपाठी मौके पर पहुंचे और आंदोलनकारियों की मांगों पर सहमति जताई। उन्होंने 26 जुलाई को आंदोलनकारियों के साथ गौशाला का निरीक्षण करने का वादा किया, जिसके बाद सत्याग्रह को समाप्त किया गया।
सत्याग्रह में आयुष्मान सिंह) ,सामाजिक कार्यकर्ता अभिषेक सावंत, शैलेन्द्र तिवारी, शशि रावत, हर्ष तिवारी, सुनीता जायसवाल, सरिता मौर्या, प्रिया हेमनानी, मीना मखीजा, शशांक मौर्या, शोभित शुक्ला, अतुल यादव, आयुष पांडे, आयुष सिंह राणा, वैभव सिंह, आशुतोष सिंह, विभिन्न संगठनों, व पशुप्रेमियों ने भाग लिया।