अयोध्या। सनातन परंपरा में यंत्रों का विशेष धार्मिक एवं आध्यात्मिक महत्व माना जाता है। इसी कड़ी में श्री राम रक्षा यंत्र श्रद्धालुओं के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। दावा किया जा रहा है कि यह यंत्र देशभर में करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र बन चुका है और इसके माध्यम से श्रद्धालु भगवान श्रीराम की कृपा एवं आध्यात्मिक संरक्षण की अनुभूति कर रहे हैं।
श्री रामलला अयोध्या जी सेवा समिति द्वारा निर्मित इस यंत्र के निर्माणकर्ता प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य आचार्य राजानंद शास्त्री हैं। यंत्र का निर्माण राजस्थान की राजधानी जयपुर में वैदिक विधि-विधान एवं धार्मिक मान्यताओं के अनुरूप कराया गया है।
समिति के पदाधिकारियों का कहना है कि श्री राम रक्षा यंत्र भगवान श्रीराम की कृपा, सकारात्मक ऊर्जा और आध्यात्मिक सुरक्षा का प्रतीक है। श्रद्धालुओं का विश्वास है कि इसकी श्रद्धापूर्वक स्थापना एवं नियमित पूजा-अर्चना से जीवन में आने वाली बाधाओं, कष्टों और नकारात्मकता से मुक्ति पाने में सहायता मिलती है तथा सुख, शांति और समृद्धि का मार्ग प्रशस्त होता है।
समिति के अनुसार, देश के विभिन्न राज्यों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु इस यंत्र को अपने घरों एवं प्रतिष्ठानों में स्थापित कर रहे हैं। धार्मिक क्षेत्र से जुड़े लोगों का मानना है कि यह यंत्र केवल एक धार्मिक प्रतीक नहीं, बल्कि श्रद्धा, विश्वास और आध्यात्मिक चेतना का माध्यम भी है।
श्री रामलला अयोध्या जी सेवा समिति का कहना है कि यंत्र का उद्देश्य लोगों को भगवान श्रीराम के आदर्शों से जोड़ते हुए समाज में सकारात्मकता, सद्भाव और आध्यात्मिक जागरूकता का प्रसार करना है। इसी कारण इसकी लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है।