अयोध्या। रानी बाजार के अमौना मोकलपुर स्थित माधवसर्वोदयइंस्टिट्यूशंस में सोमवार से श्रीशिवमहापुराणकथा का शुभारंभ भक्तिमय माहौल में हुआ। कथा प्रारंभ से पूर्व धूमधाम से निकाली गई कलशशोभायात्रा ने पूरे क्षेत्र में आध्यात्मिक उल्लास भर दिया। कलश यात्रा का नेतृत्व सिहोरामहाकाल, उज्जैन के प्रख्यात कथाव्यास पं. अनिलपाराशरमहाराज ने किया। यात्रा माधव सर्वोदय इंस्टिट्यूशंस से शुरू होकर चंद्रभान का पुरवा, रानी बाजार, गायत्री नगर और नौवा का कुआं होते हुए पुनः कथा स्थल पर पहुंची। रास्ते भर “बमभोले” और “हर–हरमहादेव“ के जयघोष और भक्ति संगीत की धुनों से वातावरण गुंजायमान रहा।
सैकड़ों महिला श्रद्धालु सिर पर कलश धारण किए अपनी आस्था व्यक्त कर रही थीं, जबकि पुरुष श्रद्धालु हाथों में ध्वज और कलश लिए भक्तिगीतों पर भावविभोर होकर चल रहे थे। यात्रा के समापन के बाद वैदिक मंत्रोच्चार के बीच व्यासपीठपूजन संपन्न हुआ। मुख्य आयोजक माधवप्रसादपाठकऔररामललीपाठक ने वैदिक विधि से कथा का शुभारंभ किया। प्रवचन के दौरान पं. अनिल पाराशर महाराज ने कहा कि शिव महापुराणकथाकाश्रवणव्यक्तिकोजीवनकेसंघर्षोंसेमुक्तकरमोक्षकेमार्गपरलेजाताहै। उन्होंने श्रद्धालुओं से धर्म, भक्ति और सेवा के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी। आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के साथ शहर के अनेक प्रतिष्ठित लोग उपस्थित रहे। अयोध्या धाम में भक्ति और शिव आराधना का यह अद्भुत संगम आने वाले दिनों में और भी श्रद्धालुओं को आकर्षित करेगा।