अंबेडकर नगर। आगामी शनिवार को जनपद न्यायाधीश की अध्यक्षता में जनपद न्यायालय समेत पारिवारिक न्यायालय, ग्राम न्यायालय, कलक्ट्रेट, तहसीलों, उपभोक्ता फोरम व अन्य विभागों में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। इसमें विभिन्न प्रकार के लंबित एवं प्री-लिटिगेशन मामलों का सुलह-समझौते के आधार पर त्वरित निस्तारण किया जाएगा।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव नीलम वर्मा ने बताया कि लोक अदालत में निस्तारण के लिए किसी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाता। लंबित मामलों के निस्तारण पर न्याय शुल्क की वापसी का भी प्रावधान है। लोक अदालत का निर्णय अंतिम होता है और इसके विरुद्ध अपील नहीं की जा सकती।
राष्ट्रीय लोक अदालत में शमनीय आपराधिक मामले, चेक बाउंस से जुड़े धारा 138 एनआइ एक्ट के वाद, बिजली-पानी के बिल, मोटर दुर्घटना प्रतिकर, वैवाहिक एवं पारिवारिक विवाद, उत्तराधिकार, राजस्व, सिविल, श्रम, बैंक रिकवरी, भूमि आज्ञप्ति तथा सेवानिवृत्ति परिलाभ संबंधी मामलों का निस्तारण किया जाएगा। वैवाहिक विवादों का प्री-लिटिगेशन स्तर पर भी समाधान कराया जा सकेगा।
जनजागरूकता के लिए न्याय रथ के माध्यम से चौराहों, बाजारों और ग्रामीण क्षेत्रों में लाउडस्पीकर से प्रचार किया जा रहा है। पराविधिक स्वयंसेवक पंपलेट व पोस्टर वितरित कर रहे हैं। रेलवे व बस स्टेशन, बैंक, नगर पालिका की कूड़ा गाड़ी तथा रेडियो अंबेडकरनगर के माध्यम से भी लोगों को जानकारी दी जा रही है।
इसके अलावा 9 से 11 सितंबर तक लघु आपराधिक तथा 10 से 12 सितंबर तक चेक बाउंस मामलों की विशेष लोक अदालत आयोजित होगी। अधिकारियों ने लोगों से इस अवसर का लाभ उठाने की अपील की है।