Saturday, March 7, 2026
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राशन कार्ड में अनियमितताओं का बोलबाला, गरीबों से अवैध वसूली के आरोप

जलालपुर अम्बेडकरनगर। जलालपुर तहसील परिसर स्थित खाद्य एवं आपूर्ति विभाग में राशन कार्ड से जुड़ी अनियमितताओं और कथित कालाबाजारी का मामला लगातार सुर्खियों में बना हुआ है। आरोप है कि विभाग में तैनात अनधिकृत (प्राइवेट) कर्मचारी गरीबों और पात्र लाभार्थियों से अवैध वसूली कर रहे हैं, जिससे आम जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

ग्रामीण क्षेत्रों से प्रतिदिन दर्जनों लोग राशन कार्ड में नाम जुड़वाने या नया कार्ड बनवाने के लिए 15 से 25 किलोमीटर की दूरी तय कर तहसील परिसर पहुंच रहे हैं। बावजूद इसके, महीनों तक चक्कर लगाने के बाद भी उनका काम नहीं हो पा रहा है। पीड़ितों का कहना है कि ऑनलाइन आवेदन और ब्लॉक स्तर पर सत्यापन की प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद न तो नाम जोड़ा जा रहा है और न ही नया राशन कार्ड जारी किया जा रहा है।

शाहिद अली निवासी शिवपाल ने बताया कि बीते दो वर्षों में उन्होंने चार बार ऑनलाइन आवेदन किया, लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। वहीं भियांव ब्लॉक के सीताघाट निवासी रीना ने बताया कि करीब 25 किलोमीटर दूर से लगातार तीन महीने से विभाग के चक्कर लगा रही हैं, लेकिन राशन कार्ड नहीं बन सका। चकोरा तिवारीपुर निवासी रीना ने रोते हुए अपनी पीड़ा बताते हुए कहा कि उनके पति बाहर रहते हैं और घर की पूरी जिम्मेदारी उन्हीं पर है। कई बार विभाग आने के बावजूद कार्यालय में बैठे ऑपरेटर “आज-कल हो जाएगा” कहकर टाल देते हैं और स्पष्ट जानकारी नहीं देते।

शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि विभाग में कार्यरत अनधिकृत कर्मचारी प्रार्थना पत्रों को नजरअंदाज कर मोटी रकम लेकर सीधे आधार कार्ड के माध्यम से नाम जोड़कर सत्यापन कर देते हैं। राजनीतिक पकड़ और पैसे के दम पर राशन कार्ड में यूनिट बढ़ाना और नया कार्ड जारी करना आम बात हो गई है, जबकि वास्तविक पात्र लोग दर-दर भटकने को मजबूर हैं।

इस संबंध में जब खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के ब्लॉक प्रभारी चंदन सरोज और जलालपुर ब्लॉक प्रभारी डॉ. भास्कर से अनधिकृत कर्मचारियों के बारे में जानकारी लेने का प्रयास किया गया तो उन्होंने किसी भी प्रकार की जानकारी देने से बचते हुए कार्यालय आकर बात करने की बात कही।

सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब सरकारी विभाग में अनधिकृत कर्मचारी खुलेआम कार्य कर रहे हैं और राशन कार्ड जैसी जनकल्याणकारी योजना में कालाबाजारी हो रही है, तो जिम्मेदार अधिकारी कब कार्रवाई करेंगे और गरीबों को उनका हक कब मिलेगा।

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