अंबेडकर नगर। मालीपुर थाना क्षेत्र के तेंदुआ दियारा गांव में अजय शुक्ला की हत्या का पुलिस ने महज करीब छह घंटे में खुलासा करने का दावा किया है। पुलिस के मुताबिक, मृतक की कोई संतान नहीं थी। उसकी जमीन हड़पने के लालच में उसके भाई राजेश शुक्ला, उसकी पत्नी सोनी शुक्ला और मौसेरे भांजे अनिरुद्ध मिश्रा ने कथित तौर पर हत्या की साजिश रची। वारदात के बाद हत्या को बिजली का करंट लगने से हुई दुर्घटना का रूप देने का भी प्रयास किया गया।
पुलिस अधीक्षक प्राची सिंह ने बताया कि गुरुवार सुबह करीब 8:20 बजे पीआरवी के माध्यम से तेंदुआ दियारा गांव में एक व्यक्ति का शव पड़े होने की सूचना मिली। पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण किया। मृतक की पहचान अजय शुक्ला पुत्र बैजनाथ शुक्ला के रूप में हुई। मृतक की बहन की तहरीर पर मालीपुर थाने में हत्या का मुकदमा दर्ज कर घटना के पर्दाफाश के लिए तीन टीमें गठित की गईं।
पुलिस के अनुसार, जांच के दौरान अनिरुद्ध मिश्रा को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। पूछताछ में सामने आया कि मृतक का भाई राजेश शुक्ला अपने परिवार के साथ गुजरात में रहता है। उसकी पत्नी सोनी शुक्ला और अनिरुद्ध के बीच मौसी-भांजे का रिश्ता है।
पुलिस के मुताबिक, अनिरुद्ध 17 अगस्त को अपनी मौसी सोनी के साथ गुजरात से निकला और 18 अगस्त की शाम घर पहुंचा। 19 अगस्त की शाम वह अजय के घर गया और शराब पिलाने के बहाने उसे नेमपुर घाट ले गया। वहां से दोनों वापस लौटे। रात में अजय के अत्यधिक नशे में होने का फायदा उठाकर अनिरुद्ध ने कथित तौर पर किचन में रखे चाकू से उसके सिर पर वार किया और गमछे से गला दबा दिया।
आरोप है कि अजय के अचेत होने के बाद अनिरुद्ध ने साक्ष्य मिटाने और हत्या को हादसा दर्शाने की कोशिश की। उसने पास रखे पंखे की तार मृतक के पैर के अंगूठे में बांधकर बिजली का स्विच ऑन कर दिया, ताकि मौत प्रथम दृष्टया करंट लगने से हुई प्रतीत हो।
एसपी ने बताया कि मामले में अनिरुद्ध मिश्रा और उसकी मौसी सोनी शुक्ला को पुलिस हिरासत में लिया गया है। राजेश शुक्ला की भूमिका समेत मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि विवेचना के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।