अयोध्या। रामनगरी में स्वच्छता व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने और मां सरयू के घाटों को स्वच्छ रखने के उद्देश्य से नगर निगम ने 31 अक्टूबर को प्रस्तावित मां सरयू स्वच्छता महाभियान की तैयारियां तेज कर दी हैं। अभियान को व्यापक जनसहयोग से सफल बनाने के लिए महापौर महंत गिरीशपति त्रिपाठी ने संत समाज, पार्षदों और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ संवाद कर लोगों को इससे जोड़ने की अपील की। मंगलवार को कनक भवन मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में सफाई अभियान चलाकर स्वच्छता का संदेश दिया गया।
सुबह करीब 7:30 बजे नगर निगम की टीम कनक भवन परिसर पहुंची। यहां महापौर ने स्वयं झाड़ू लगाकर सफाई कार्य में सहभागिता की। परिसर और आसपास के क्षेत्रों में साफ-सफाई के साथ फागिंग तथा एंटी लार्वा का छिड़काव भी कराया गया। अभियान का उद्देश्य दीपोत्सव से पहले रामनगरी की स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाने के साथ श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों को साफ-सफाई के प्रति जागरूक करना रहा।
नगर आयुक्त जयेंद्र कुमार ने कहा कि शहर को स्वच्छ बनाए रखने के लिए नगर निगम के प्रयासों के साथ नागरिकों का सहयोग भी जरूरी है। उन्होंने लोगों से सार्वजनिक स्थलों पर कचरा न फैलाने और स्वच्छता संबंधी व्यवस्थाओं में सहयोग करने की अपील की। इस दौरान पार्षद प्रतिनिधि प्रियेश दास, अपर नगर आयुक्त डॉ. नागेंद्र नाथ, भारत भार्गव सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
संत समाज से संवाद, जनभागीदारी पर जोर
महापौर ने दोपहर में धोबी मंदिर परिसर में आयोजित बैठक के दौरान साधु-संतों से मुलाकात कर 31 अक्टूबर के अभियान की रूपरेखा पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि मां सरयू की स्वच्छता और धार्मिक स्थलों की पवित्रता बनाए रखने में संत समाज तथा श्रद्धालुओं की भूमिका महत्वपूर्ण है। सामूहिक प्रयासों से ही स्वच्छता अभियान को जनआंदोलन का स्वरूप दिया जा सकता है।
बैठक में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांत प्रचारक कौशल किशोर जी, महानगर प्रचारक सुदीप जी, धोबी मंदिर के महंत छतरदास, महंत वैदेही वल्लभ शरण, महंत जयरामदास, महंत रविदास, गंगा सिंह, रामानुज ब्रह्मचारी और पवन पांडेय सहित अनेक संत एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
इसके बाद नगर निगम के जोनल कार्यालय में पार्षदों के साथ बैठक कर वार्ड स्तर पर लोगों की भागीदारी बढ़ाने पर चर्चा की गई। महापौर ने पार्षदों से अपने-अपने क्षेत्रों में नागरिकों को अभियान से जोड़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सरयू की स्वच्छता केवल नगर निगम का दायित्व नहीं है, बल्कि इसके संरक्षण में प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है।
चिंतन संस्था ने तीर्थयात्रियों और दुकानदारों को किया जागरूक
मां सरयू की स्वच्छता के लिए चिंतन संस्था की ओर से भी जनजागरूकता गतिविधियां संचालित की गईं। संस्था की ‘वेस्ट नो मोर इन अयोध्या’ परियोजना के अंतर्गत ‘साफ सरयू सप्ताह’ के दौरान 24 से 27 अक्टूबर तक घाटों के आसपास जागरूकता अभियान चलाया गया। इसमें सरयू तक कचरा पहुंचने के संभावित स्रोतों की पहचान करने और उसके उचित निस्तारण के प्रति लोगों को प्रेरित करने पर ध्यान दिया गया।
संस्था के स्वयंसेवकों ने तीर्थयात्रियों, दुकानदारों और स्ट्रीट वेंडर्स से संवाद कर घाटों पर स्वच्छता बनाए रखने की अपील की। उन्हें कचरा निर्धारित स्थानों पर डालने तथा धार्मिक स्थलों के आसपास गंदगी न फैलाने के लिए प्रेरित किया गया।
चिंतन संस्था की संस्थापक एवं निदेशक भारती चतुर्वेदी के मार्गदर्शन में संचालित इस पहल में एसबीआई फाउंडेशन, एसबीआई जनरल इंश्योरेंस और अन्य सहयोगी संस्थाओं की सहभागिता रही।
नगर निगम और चिंतन संस्था की ओर से चलाए जा रहे इन प्रयासों का प्रमुख उद्देश्य 31 अक्टूबर को सरयू घाट पर प्रस्तावित मेगा क्लीनअप ड्राइव में अधिकाधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करना है, ताकि स्वच्छता के प्रति जागरूकता को नियमित नागरिक व्यवहार का हिस्सा बनाया जा सके।