लखनऊ। क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय, लखनऊ को राजभाषा हिंदी के प्रभावी कार्यान्वयन और प्रगामी प्रयोग के लिए नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति (नराकास) द्वारा प्रथम पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान समिति की अर्द्धवार्षिक बैठक में राजभाषा से संबंधित छमाही प्रगति रिपोर्ट के मूल्यांकन के आधार पर प्रदान किया गया।
जानकारी के अनुसार नराकास से संबद्ध 72 सदस्य कार्यालयों में क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय, लखनऊ को राजभाषा नीति के उत्कृष्ट क्रियान्वयन के लिए प्रथम स्थान प्राप्त हुआ। इसके अतिरिक्त कार्यालय को तिमाही हिंदी कार्यशालाओं के सफल आयोजन के लिए प्रमाणपत्र भी प्रदान किया गया।
पासपोर्ट कार्यालय में हिंदी के प्रयोग को बढ़ावा देने के लिए नियमित रूप से हिंदी कार्यशालाओं, राजभाषा संबंधी कार्यक्रमों एवं विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाता है। साथ ही राजभाषा नीति के प्रभावी अनुपालन की समय-समय पर समीक्षा भी की जाती है।
कार्यालय द्वारा जारी पत्राचार, परिपत्र, सूचनाएं तथा जनसंपर्क सामग्री द्विभाषी रूप में उपलब्ध कराई जाती हैं। इसके अलावा वार्षिक पत्रिका ‘कायाकल्प’ के माध्यम से भी हिंदी के प्रचार-प्रसार को प्रोत्साहित किया जाता है। नागरिकों तक सरल और प्रभावी ढंग से जानकारी पहुंचाने के लिए सोशल मीडिया तथा अन्य संचार माध्यमों में भी हिंदी के उपयोग को प्राथमिकता दी जाती है।
पुरस्कार प्राप्ति के अवसर पर क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी श्री ज्ञानवीर सिंह एवं कनिष्ठ अनुवाद अधिकारी सुश्री लकी सिंह उपस्थित रहीं। अधिकारियों ने इस उपलब्धि का श्रेय कार्यालय के सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों के सामूहिक प्रयासों को दिया।