अयोध्या। दीपोत्सव 2026 के आयोजन में 34 हजार से अधिक स्वयंसेवकों की भागीदारी होगी। स्वयंसेवकों का ऑनलाइन पंजीकरण जल्द पूरा कर डाटाबेस तैयार किया जाएगा। आयोजन की व्यवस्थाओं को सुचारू बनाने के लिए घाटों को अलग-अलग सेक्टरों में बांटने के साथ स्वयंसेवकों के आवागमन, पेयजल और स्वच्छता की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाएगी। यह निर्णय डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय में दीपोत्सव की तैयारियों को लेकर हुई बैठक में लिया गया।
कौटिल्य प्रशासनिक भवन के भूतल सभागार में कुलपति डॉ. बिजेंद्र सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में विश्वविद्यालय से संबद्ध नजदीकी महाविद्यालयों और माध्यमिक विद्यालयों के प्राचार्य एवं प्रतिनिधि शामिल हुए। कुलपति ने स्वयंसेवकों के ऑनलाइन पंजीकरण की प्रक्रिया को निर्धारित समय में पूरा करने के निर्देश दिए।
बैठक में घाटों के सेक्टर विभाजन और वहां उपलब्ध कराई जाने वाली सुविधाओं पर भी चर्चा हुई। घाटों पर पर्याप्त पेयजल, डस्टबिन और स्वच्छता व्यवस्था के साथ स्वयंसेवकों के सुरक्षित आवागमन के लिए वाहनों की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए।
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कुलपति ने स्पष्ट किया कि छोटे बच्चों को किसी भी स्थिति में स्वयंसेवक के रूप में शामिल नहीं किया जाएगा। उन्होंने जिला प्रशासन के सहयोग और शासन के निर्देशों के अनुरूप सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन सुनिश्चित करने को कहा।
बैठक में दीपोत्सव के नोडल अधिकारी प्रो. एसएस मिश्र, साकेत महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. दानपति तिवारी समेत विभिन्न महाविद्यालयों और विद्यालयों के प्राचार्य एवं प्रतिनिधि मौजूद रहे।