Friday, March 6, 2026
HomeAyodhya/Ambedkar Nagarअयोध्यासैन्य दक्षता के साथ जरूरी है मनोस्वास्थ्य जागरूकता

सैन्य दक्षता के साथ जरूरी है मनोस्वास्थ्य जागरूकता


◆ मनो-जागरूक सैन्य परिवार है खुशियों का आधार


◆ हैप्पी हार्मोन की खुराक है जरूरी मानसिक भोजन


अयोध्या। सैन्य चिकित्सालय में आयोजित सैन्यपरिवार मनोस्वास्थ्य जागरूकता कार्यशाला में जिला अस्पताल के मनोपरामर्शदाता डॉ. आलोक मनदर्शन ने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य भी शारीरिक स्वास्थ्य जितना ही जरूरी है।

उन्होंने बताया कि चिंता करने वाले या ज्यादा सोचने वाले लोग अक्सर नकारात्मक विचारों में उलझे रहते हैं। इससे शरीर में स्ट्रेस हार्मोन (कार्टिसोल एड्रेनालिन) बढ़ जाते हैं, जिसके कारण घबराहट, नींद न आना, दिल की धड़कन बढ़ना, पेट खराब रहना, सिरदर्द, थकान और बड़ी बीमारी का डर जैसे लक्षण सामने आते हैं। कई बार लोग बार-बार सफाई करने, जांच कराने या डॉक्टर के पास जाने जैसी आदतों से भी परेशान रहते हैं।

डॉ. आलोक ने बताया कि दिमाग के तीन हिस्से—प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स (सकारात्मक सोच और संयम), एमिग्डाला (तनाव केंद्र) और हिप्पोकैम्पस (स्मृतियों की लाइब्रेरी)—पर असर पड़ने से चिंता और अवसाद जैसी समस्याएं होती हैं। जब हैप्पी हार्मोन (डोपामिन, ऑक्सीटोसिन, एंडॉर्फिन) और मूड स्टेबलाइज़र हार्मोन सेरोटोनिन की कमी हो जाती है, तो इंसान उदासी और हताशा से घिर जाता है।

उन्होंने कहा कि पर्सनालिटी डिसऑर्डर, नशा, पारिवारिक तनाव, डिजिटल एडिक्शन, ऑनलाइन गेम्स और लव-टकराव जैसी बातें स्थिति को और खराब कर देती हैं। उपचार के बारे में उन्होंने बताया कि एंटी-एंग्जायटी और सेरोटोनिन बढ़ाने वाली दवाएं तथा कॉग्निटिव बिहेवियर थेरेपी (CBT) बहुत कारगर होती हैं। कार्यशाला की अध्यक्षता कमांडिंग ऑफिसर रवींद्र कुमार ने की और संयोजन लेफ्टिनेंट प्रवेश शर्मा ने किया।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

RELATED ARTICLES

Most Popular

Ayodhya Samachar
Ayodhya Samachar
Ayodhya Samachar
Ayodhya Samachar

Recent Comments