अयोध्या। राजर्षि दशरथ स्वशासी राज्य मेडिकल कॉलेज, अयोध्या में बीते वर्षों के दौरान ओपीडी, भर्ती और सर्जरी के मामलों में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की गई है। वर्ष 2025 में अब तक मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में लगभग साढ़े पांच लाख मरीज उपचार के लिए पहुंचे हैं, जबकि 35 हजार से अधिक मरीजों को भर्ती किया गया है। इसी अवधि में करीब साढ़े 12 हजार ऑपरेशन किए गए हैं।
मेडिकल कॉलेज में ओपीडी के साथ-साथ आईपीडी सेवाओं का दायरा बढ़ा है। नए विभागों की शुरुआत, चिकित्सकीय उपकरणों की उपलब्धता और विशेषज्ञ डॉक्टरों की तैनाती के बाद यहां इलाज कराने आने वाले मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। पहले गंभीर रोगियों को अन्य जिलों के बड़े अस्पतालों में रेफर किया जाता था, लेकिन अब कई प्रकार का उपचार स्थानीय स्तर पर ही उपलब्ध है।
मेडिकल कॉलेज प्रशासन के अनुसार, ओपीडी में प्रतिदिन बड़ी संख्या में मरीज पहुंच रहे हैं। इसमें अयोध्या के स्थानीय निवासियों के साथ-साथ आसपास के जिलों से आने वाले मरीज भी शामिल हैं। राम मंदिर दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालु भी उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज का रुख कर रहे हैं, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं पर दबाव बढ़ा है।
मेडिकल कॉलेज में अब कैंसर से संबंधित उपचार की सुविधा भी शुरू की गई है। इसके साथ ही ईएनटी विभाग में कान के पर्दों की सर्जरी की जा रही है। प्रशासन का कहना है कि चरणबद्ध तरीके से अन्य विभागों और सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है।
पिछले वर्षों के आंकड़ों पर नजर डालें तो ओपीडी, आईपीडी और सर्जरी की संख्या में निरंतर परिवर्तन देखा गया है। वर्ष 2021 में जहां ओपीडी में 2.33 लाख मरीज पहुंचे थे, वहीं 2025 में यह संख्या बढ़कर 5.49 लाख से अधिक हो गई। इसी तरह भर्ती और सर्जरी के मामलों में भी वृद्धि दर्ज की गई है।
मेडिकल कॉलेज में उपलब्ध सुविधाओं के कारण अब बड़ी संख्या में मरीज यहीं उपचार करा रहे हैं। आने वाले समय में संस्थान में और सेवाएं जोड़ने की योजना है, जिससे मरीजों को और बेहतर इलाज मिल सके।