अयोध्या। रामनगरी को देश की सबसे हरित और पर्यावरण अनुकूल नगरी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है। योगी सरकार के नेतृत्व में वर्ष 2026 के पौधरोपण अभियान को लेकर अयोध्या में व्यापक तैयारी शुरू हो गई है। इस बार जिले में 43 लाख 99 हजार 466 पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके लिए 26 विभागों को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।
अभियान के तहत अयोध्या में कई विशेष थीम आधारित वनों और वाटिकाओं की स्थापना की जाएगी। इनमें वंदे मातरम वाटिका, महर्षि चरक वन, सामाजिक समरसता वन, समृद्धि वन, आकांक्षी वन, ऊर्जा रोपण क्षेत्र और फलदार प्रजातियों की वाटिका प्रमुख हैं। इन परियोजनाओं के जरिए न केवल हरियाली बढ़ेगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण, जल संवर्धन और जैव विविधता को भी मजबूती मिलेगी।
वन विभाग इस अभियान में सबसे बड़ी भूमिका निभाएगा। विभाग को अकेले 20 लाख 50 हजार पौधे लगाने का लक्ष्य दिया गया है। वहीं ग्राम्य विकास विभाग 12 लाख 24 हजार 786 पौधे रोपेगा। पर्यावरण विभाग को 2 लाख 48 हजार तथा उद्यान विभाग को 1 लाख 69 हजार पौधे लगाने की जिम्मेदारी मिली है। नगर विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, रेलवे, पुलिस और अन्य विभाग भी अभियान में सक्रिय भागीदारी करेंगे।
विशेष वनों की स्थापना जिले के विभिन्न क्षेत्रों में की जाएगी। पंचवटी द्वीप पर वंदे मातरम वाटिका विकसित होगी, जहां फलदार प्रजातियां लगाई जाएंगी। बीकापुर क्षेत्र में महर्षि चरक वन के अंतर्गत औषधीय पौधों का रोपण होगा। वहीं सामाजिक समरसता वन, आकांक्षी वन और समृद्धि वन में पीपल, बरगद, सागौन, शीशम और महोगनी जैसे पौधे लगाए जाएंगे।
प्रभागीय वनाधिकारी प्रखर गुप्ता ने बताया कि यह अभियान जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इससे मिट्टी संरक्षण, भूजल संवर्धन और स्वच्छ वातावरण को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि अयोध्या को देश का सबसे हरा-भरा तीर्थ क्षेत्र बनाने की दिशा में यह अभियान मील का पत्थर साबित होगा।