अयोध्या। रुदौली तहसील में तैनात लेखपाल दीपचंद्र यादव को एंटी करप्शन टीम ने बुधवार को कथित रूप से रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। कार्रवाई के बाद तहसील परिसर में हड़कंप मच गया और पूरे क्षेत्र में इस घटना की चर्चा होती रही।
जानकारी के अनुसार रुदौली क्षेत्र के सिठौली गांव निवासी एवं भाजपा नेता देवी प्रसाद लोधी ने एंटी करप्शन टीम से शिकायत की थी। शिकायतकर्ता का आरोप था कि जमीन से संबंधित एक कार्य के लिए वह लंबे समय से तहसील के चक्कर लगा रहे थे, लेकिन उनका कार्य नहीं किया जा रहा था। आरोप है कि लेखपाल द्वारा कार्य के बदले लगातार धनराशि की मांग की जा रही थी।
पीड़ित का कहना है कि वह पहले भी एक-दो बार धनराशि दे चुका था, इसके बावजूद उसका कार्य नहीं हुआ। बार-बार धन की मांग से परेशान होकर उसने एंटी करप्शन टीम से शिकायत की।
शिकायत मिलने के बाद एंटी करप्शन टीम ने मामले का सत्यापन कराया। आरोपों की पुष्टि होने के बाद टीम ने योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाया। बताया जाता है कि तय योजना के तहत लेखपाल दीपचंद्र यादव को कथित रूप से रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया गया। इसके बाद टीम आरोपी को अपने साथ ले गई और आवश्यक विधिक कार्रवाई शुरू की गई। प्रदेश सरकार की भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति के बीच हुई इस कार्रवाई को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
हालांकि मामले की जांच जारी है और संबंधित आरोप जांच के अधीन हैं। एंटी करप्शन टीम द्वारा मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।