आलापुर अंबेडकर नगर। राजेसुल्तानपुर थाना क्षेत्र के ग्राम कम्हरिया में रविवार सुबह सांप के डंसने से एक दलित मजदूर की मौत हो गई। समय पर अस्पताल न पहुंच पाने और घरेलू नुस्खों में समय गंवाने के चलते उसकी जान नहीं बच सकी। घटना ने ग्रामीणों को झकझोर दिया है और यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आज भी गांवों में लोग सांप काटने जैसी घटनाओं में जागरूक क्यों नहीं हैं।
ग्राम कम्हरिया निवासी रामदास 58 वर्ष पुत्र जानकी सुबह लगभग छह बजे शौच के लिए निकले थे। रास्ते में उन्हें सांप ने काट लिया। घर लौटकर उन्होंने परिजनों को बताया, लेकिन उन्हें अस्पताल ले जाने के बजाय घी पिलाकर झाड़-फूंक जैसे घरेलू उपायों में समय गंवा दिया गया।
इस दौरान सूचना मिलने पर पूर्व प्रमुख अरविंद सिंह ने उन्हें अस्पताल भेजने की व्यवस्था की। करीब आधा घंटा बीत जाने के बाद जब रामदास की हालत बिगड़ी और आंखों से दिखाई देना बंद हो गया, तब उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जहांगीरगंज ले जाया गया। लेकिन डॉक्टरों ने परीक्षण के बाद मृत घोषित कर दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम हेतु भेज दिया है। वहीं, घटना के बाद परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों का कहना है कि सांप काटने पर झाड़-फूंक या घरेलू नुस्खों में समय गंवाने की बजाय तुरंत नजदीकी अस्पताल में पहुंचना ही जीवन बचाने का सबसे कारगर उपाय है। विशेषज्ञ भी मानते हैं कि ऐसे मामलों में गोल्डन ऑवर पहला एक घंटा बेहद अहम होता है।