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तहसील परिसर में कानूनगो सात हजार रुपये की घूस लेते रंगेहाथ गिरफ्तार, एंटी करप्शन टीम की बड़ी कार्रवाई

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जलालपुर, अम्बेडकर नगर। तहसील परिसर में भ्रष्टाचार के खिलाफ एंटी करप्शन टीम की बड़ी कार्रवाई सामने आई है। टीम ने गुरुवार को तहसील परिसर में तैनात राजस्व निरीक्षक (कानूनगो) भुवन प्रताप को सात हजार रुपये की घूस लेते हुए रंगेहाथ दबोचा। इस कार्रवाई से तहसील परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

जानकारी के अनुसार, मामला जलालपुर तहसील के उसरहा गांव का है। यहां के निवासी विपिन मौर्य की जमीन की धारा-24 के तहत पैमाइश की जा रही थी। आरोप है कि हल्का कानूनगो भुवन प्रताप लगातार दो बार से पैमाइश रिपोर्ट में अलग-अलग संशोधित रिपोर्ट दे रहे थे, जबकि मौके पर पत्थर नसब भी कर दिया गया था। रिपोर्ट में फेरबदल करने के नाम पर कानूनगो ने 15 हजार रुपये की मांग की थी, जिसमें से पहले 8 हजार रुपये वह ले चुका था।

शिकायतकर्ता विपिन मौर्य ने पूरे मामले की शिकायत एंटी करप्शन टीम से की थी। गुरुवार को तय योजना के तहत कानूनगो ने शिकायतकर्ता को शेष सात हजार रुपये देने के लिए तहसील परिसर में बुलाया था। पहले से तैयार एंटी करप्शन टीम ने जैसे ही पैसे का लेन-देन होते देखा, तुरंत कानूनगो को रंगेहाथ पकड़ लिया।

कार्रवाई के दौरान तहसील में मौजूद कर्मचारियों और वादकारियों में हड़कंप मच गया। कुछ समझ पाते उससे पहले ही टीम आरोपी को सरकारी वाहन में बैठाकर कोतवाली अकबरपुर ले गई, जहां आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है।


पहले भी हो चुकी हैं ऐसी कार्रवाईयां


गौरतलब है कि इससे पहले भी जलालपुर तहसील से घूसखोरी के मामले सामने आ चुके हैं। 30 मई को इसी तहसील के सामने एक चाय-पान की दुकान से लेखपाल अरुण यादव को एंटी करप्शन टीम ने 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ पकड़ा था। अभी यह मामला शांत भी नहीं हुआ था कि कानूनगो भुवन प्रताप को भी घूस लेते हुए पकड़ लिया गया।


अफसरों से नहीं हो सका संपर्क


इस संबंध में उप जिला अधिकारी राहुल गुप्ता से संपर्क करने का प्रयास किया गया तो उनका मोबाइल स्विच ऑफ मिला। वहीं तहसीलदार गरिमा भार्गव को फोन किए जाने पर उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया।

एंटी करप्शन की लगातार कार्रवाइयों के बावजूद तहसील में भ्रष्टाचार का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है, जो शासन-प्रशासन की सख्ती पर भी सवाल खड़ा करता है।

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