जलालपुर अंबेडकर नगर। क्षेत्र के नवीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बड़ेपुर में सोमवार को सघन टीबी खोज अभियान के तहत विशेष स्वास्थ्य शिविर आयोजित किया गया। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. पी.के. बादल के नेतृत्व में लगे इस कैंप में संभावित टीबी मरीजों की जांच कर समय रहते उपचार उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया।
कैंप में प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. भास्कर, चिकित्सा अधिकारी डॉ. अजीत कुमार और एक्स-रे टेक्नीशियन मोनिका मिश्रा सहित स्वास्थ्य विभाग की टीम ने लोगों की जांच की। साथ ही टीबी के लक्षण, बचाव और समय पर इलाज के प्रति जागरूक किया।
100 दिवसीय विशेष टीबी खोज अभियान के तहत आयोजित शिविर में कुल 35 लोगों की जांच की गई। इनमें 12 लोग टीबी संदिग्ध पाए गए। स्वास्थ्य विभाग की टीम अब इन सभी के बलगम के नमूने लेकर प्रयोगशाला में जांच कराएगी। रिपोर्ट में टीबी की पुष्टि होने पर मरीजों को सरकार की ओर से निशुल्क दवा और उपचार उपलब्ध कराया जाएगा।
अधिकारियों ने बताया कि लगातार दो सप्ताह से अधिक खांसी, सीने में दर्द, वजन घटना, भूख कम लगना, रात में पसीना आना और लगातार बुखार रहना टीबी के प्रमुख लक्षण हैं। ऐसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत स्वास्थ्य केंद्र पहुंचकर जांच करानी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि टीबी का इलाज बीच में छोड़ना खतरनाक हो सकता है, इसलिए चिकित्सकीय सलाह के अनुसार पूरा उपचार लेना आवश्यक है।
शिविर में राहुल कुमार, रामधनी, उर्मिला देवी, लालमति, सतीश कुमार, कुंदन लाल, तारा देवी समेत कई लोगों ने स्वास्थ्य जांच कराई। स्वास्थ्य विभाग ने आमजन से टीबी के प्रति जागरूक रहने और समय-समय पर जांच कराने की अपील की।