अम्बेडकरनगर। गो सेवा संवर्धन दिवस के अवसर पर जनपद में संचालित सभी 35 निराश्रित गोवंश आश्रय स्थलों का बुधवार को सघन निरीक्षण किया गया। जिलाधिकारी ईशा प्रिया के निर्देश पर नोडल अधिकारियों की टीमों ने संबंधित विभागीय अधिकारियों के साथ प्रत्येक गौशाला का भौतिक सत्यापन कर व्यवस्थाओं की हकीकत परखी।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने आश्रय स्थलों में साफ-सफाई, हरे चारे व भूसे के भंडारण, संतुलित पशु आहार की उपलब्धता, स्वच्छ पेयजल तथा अन्य आधारभूत सुविधाओं का जायजा लिया। साथ ही गोवंशों के स्वास्थ्य की स्थिति, बीमार पशुओं के उपचार और उनकी देखभाल की व्यवस्थाओं का भी गहन निरीक्षण किया गया। पशु चिकित्सा अधिकारियों ने मौके पर ही बीमार गोवंशों का परीक्षण कर आवश्यक उपचार उपलब्ध कराया और केयरटेकरों को विशेष देखभाल के निर्देश दिए।
मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि सभी आश्रय स्थलों की निगरानी सीसीटीवी के माध्यम से की जा रही है। जनपद स्तर पर स्थापित कंट्रोल रूम से लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है, जिससे किसी भी समस्या की स्थिति में तत्काल समाधान सुनिश्चित किया जा सके।
जिलाधिकारी ईशा प्रिया ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि गो आश्रय स्थलों में व्यवस्थाएं शासन की मंशा के अनुरूप उच्च गुणवत्ता की बनी रहें। उन्होंने कहा कि गोवंशों के संरक्षण, पोषण और स्वास्थ्य के प्रति किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए। नियमित निरीक्षण व सतत निगरानी के माध्यम से प्रभावी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं।
जिलाधिकारी के निर्देश पर मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी ने अस्थायी गोवंश आश्रय स्थल जैतपुर खास भीटी, उपनिदेशक कृषि ने सिसवां अकबरपुर, जिला विद्यालय निरीक्षक ने वृहद गौ संरक्षण केंद्र अखलासपुर रामनगर तथा जिला कृषि अधिकारी ने बनगांव स्थित आश्रय स्थल का निरीक्षण किया। अन्य जनपद स्तरीय अधिकारियों ने भी अपने-अपने नामित स्थलों का स्थलीय निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की समीक्षा की।