अंबेडकरनगर। भारतीय जनता पार्टी द्वारा 25 जून 1975 को देश पर थोपे गए आपातकाल को ‘काला दिवस’ के रूप में मनाते हुए बुधवार को भाजपा जिला कार्यालय अटल भवन में विविध कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस दौरान आपातकाल की भयावहता पर प्रदर्शनी लगाई गई, लोकतंत्र सेनानियों का सम्मान किया गया और लोहिया भवन सभागार में एक विचार गोष्ठी आयोजित की गई।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राज्यसभा सदस्य एवं पूर्व डीजीपी बृजलाल रहे। उन्होंने भाजपा जिलाध्यक्ष त्रयंबक तिवारी की अध्यक्षता में आयोजित गोष्ठी को संबोधित करते हुए कहा कि आपातकाल कोई युद्ध या विद्रोह के कारण नहीं लगाया गया था, बल्कि कांग्रेस सरकार की सत्ता बचाने की हताशा का परिणाम था। इस दौरान विपक्षी नेताओं को जेलों में डालकर, प्रेस की स्वतंत्रता और नागरिकों के मौलिक अधिकारों को कुचल दिया गया।” पूर्व डीजीपी ने भाजपा जिला कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता को भी संबोधित किया, जिसमें भाजपा क्षेत्रीय उपाध्यक्ष राहुल रस्तोगी, पूर्व सांसद रितेश पांडेय, कार्यक्रम संयोजक अंशुमान सिंह, तथा जिला मीडिया प्रभारी बाल्मीकि उपाध्याय मौजूद रहे। क्षेत्रीय उपाध्यक्ष राहुल रस्तोगी ने कहा कि आपातकाल एक डरी हुई प्रधानमंत्री द्वारा संविधान की आत्मा को कुचलकर लोकतंत्र को तानाशाही में बदलने की रणनीति थी। कार्यक्रम का संचालन जिला महामंत्री दिलीप पटेल देव ने किया। इस अवसर पर 9 लोकतंत्र सेनानियों का सम्मान भी किया गया।
गोष्ठी में प्रमुख रूप से विधायक धर्मराज निषाद, अल्पसंख्यक मोर्चा प्रदेश मंत्री नेहा खान, पूर्व जिलाध्यक्ष कपिल देव वर्मा, राम प्रकाश यादव, ज्ञान सागर सिंह, त्रिवेणी राम, ब्लॉक प्रमुख संजय सिंह, डॉ राना रणधीर सिंह, संजय सिंह, विनय पांडेय, पंकज वर्मा, रमेश चंद्र गुप्ता, लोकतंत्र सेनानी मग्गू राम सहित भारी संख्या में कार्यकर्ता और नागरिक उपस्थित रहे।