अयोध्या। तहसील सोहावल में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी ने जनशिकायतों की सुनवाई के दौरान अधिकारियों की कार्यशैली पर कड़ा रुख अपनाया। शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही पाए जाने पर एक लेखपाल को निलंबित कर दिया गया, जबकि एक अधिकारी सहित दो राजस्व कर्मियों का जून माह का वेतन रोकने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा दो अधिकारियों से स्पष्टीकरण भी तलब किया गया।
जिलाधिकारी की अध्यक्षता में आयोजित समाधान दिवस में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. गौरव ग्रोवर भी मौजूद रहे। राजस्व, पुलिस, विकास, विद्युत, जलापूर्ति, पेंशन, आवास सहित विभिन्न विभागों से संबंधित शिकायतों की सुनवाई की गई। जिलाधिकारी ने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप प्रत्येक शिकायत का पारदर्शी, गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि मौके पर निस्तारित होने योग्य मामलों का तत्काल समाधान किया जाए तथा शेष प्रकरणों का निर्धारित समयसीमा में निस्तारण कर रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए।
1063 शिकायतें पहुंचीं, 94 का मौके पर समाधान
जनपद की सभी तहसीलों में आयोजित समाधान दिवस के दौरान कुल 1063 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 94 का मौके पर निस्तारण किया गया। तहसील सोहावल में 243 में से 31, बीकापुर में 130 में से 10, मिल्कीपुर में 282 में से 16, रुदौली में 217 में से 17 तथा सदर तहसील में 191 में से 20 शिकायतों का तत्काल समाधान किया गया।
बिना सूचना अनुपस्थित अधिकारी का वेतन रोका
संपूर्ण समाधान दिवस में बिना पूर्व सूचना अनुपस्थित रहने पर जिला खाद्य विपणन अधिकारी धनंजय सिंह का जून माह का वेतन रोकते हुए जिलाधिकारी ने उनसे स्पष्टीकरण तलब किया। वहीं जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. पवन तिवारी और प्रांतीय खंड के अधिशासी अभियंता एस.पी. भारती के विलंब से पहुंचने पर भी जवाब मांगा गया।
पैमाइश में लापरवाही पर राजस्व निरीक्षक पर कार्रवाई
सीमांकन से संबंधित मामलों में समय पर पैमाइश नहीं करने के कारण राजस्व निरीक्षक मसौधा ध्रुवराज यादव के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए उनका जून माह का वेतन अवरुद्ध कर दिया गया। जिलाधिकारी ने कहा कि भूमि विवादों के मामलों में लापरवाही किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं की जाएगी।
नाम सुधार की शिकायत पर लेखपाल का वेतन रोका
ग्राम देवराकोट निवासी अनुराग पांडे द्वारा नाम सुधार के मामले में कार्रवाई न किए जाने की शिकायत पर संबंधित लेखपाल रजनीश के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए उनका जून माह का वेतन रोक दिया गया। साथ ही प्रकरण का तत्काल निस्तारण कराने के निर्देश दिए गए।
सार्वजनिक भूमि प्रकरण में लेखपाल निलंबित
ग्राम अभयराज का पुरवा, मौजा अर्थर निवासी सुरेश चन्द्र शर्मा द्वारा भूमि की पैमाइश न किए जाने तथा अभद्र व्यवहार की शिकायत की गई थी। वहीं इब्राहिमपुर कदई निवासी अमरेश सिंह ने सार्वजनिक भूमि पर अवैध निर्माण की शिकायत दर्ज कराई थी। दोनों मामलों की जांच में प्रथम दृष्टया लापरवाही पाए जाने पर संबंधित लेखपाल बृजेश कुमार सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया।
समाधान दिवस के अंत में जिलाधिकारी ने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनसमस्याओं के निस्तारण में संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ कार्य करें तथा शिकायतकर्ताओं को समयबद्ध राहत उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. देवेंद्र भिटौरिया, उप जिलाधिकारी सविता, क्षेत्राधिकारी अरविंद कुमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।