◆ चकमार्ग और सरकारी भूमि से अतिक्रमण न हटाने पर कार्रवाई, जिलेभर में 913 शिकायतों में 94 का मौके पर निस्तारण
अयोध्या। संपूर्ण समाधान दिवस में जनशिकायतों के निस्तारण की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी ने सरकारी भूमि और सार्वजनिक मार्गों पर अतिक्रमण के मामलों में लापरवाही बरतने वाले राजस्व कर्मियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया। बीकापुर तहसील में चकमार्ग और सरकारी भूमि पर हुए अतिक्रमण को नहीं हटाने के मामले में तत्कालीन लेखपाल सर्वेश कुमार मिश्र को निलंबित करने के निर्देश दिए गए, जबकि चार अन्य लेखपालों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई के आदेश जारी किए गए।
शनिवार को बीकापुर तहसील में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में जिलाधिकारी ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. गौरव ग्रोवर की मौजूदगी में फरियादियों की समस्याएं सुनीं। इस दौरान सरकारी भूमि, चकमार्ग और सार्वजनिक रास्तों पर अवैध अतिक्रमण से जुड़े मामलों की समीक्षा की गई।
समीक्षा में सामने आया कि हल्का असकरनपुर क्षेत्र में चकमार्ग की भूमि पर दीवार बनाकर किए गए अतिक्रमण के बावजूद तत्कालीन लेखपाल सर्वेश कुमार मिश्र ने कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की। इसे गंभीर प्रशासनिक लापरवाही मानते हुए जिलाधिकारी ने उपजिलाधिकारी को तत्काल निलंबन की विभागीय कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इसके बाद लेखपाल को निलंबित कर दिया गया।
जिलाधिकारी ने लेखपाल आस्था, गुलशन भारती, गोसिया खानम और प्रिया पाण्डेय द्वारा भी सरकारी भूमि, चकमार्ग और सार्वजनिक मार्गों से अतिक्रमण हटाने में बरती गई लापरवाही पर नाराजगी जताई। उन्होंने उपजिलाधिकारी को चारों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
913 शिकायतें, 94 का मौके पर निस्तारण
संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान जिले की पांचों तहसीलों में कुल 913 शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें से 94 का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया। बीकापुर तहसील में सबसे अधिक 330 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें 30 का तत्काल समाधान किया गया। सदर तहसील में 102 में से 12, मिल्कीपुर में 185 में से 20, रुदौली में 166 में से 18 तथा सोहावल में 130 में से 14 शिकायतों का मौके पर निस्तारण किया गया। शेष मामलों को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से निस्तारित करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए गए।
जिलाधिकारी ने कहा कि जनसुनवाई केवल औपचारिकता नहीं बल्कि आम नागरिकों को त्वरित न्याय दिलाने का माध्यम है। शिकायतों के निस्तारण में किसी भी स्तर पर लापरवाही या उदासीनता स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी लंबित मामलों का निष्पक्ष, गुणवत्तापूर्ण और निर्धारित समय सीमा के भीतर निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
समाधान दिवस में संबंधित उपजिलाधिकारी, क्षेत्राधिकारी सुनील कुमार, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. देवेंद्र भिटौरिया, तहसीलदार, खंड विकास अधिकारी तथा विभिन्न विभागों के जिला एवं तहसील स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।