◆ पांच दुकानदारों को कारण बताओ नोटिस, दो को चेतावनी; किसानों से अधिक कीमत व टैगिंग की शिकायत करने की अपील
अयोध्या। खरीफ-2026 सीजन में किसानों को निर्धारित दर पर गुणवत्तापूर्ण उर्वरक उपलब्ध कराने के लिए जिला प्रशासन ने कालाबाजारी और जबरन टैगिंग के खिलाफ सख्ती शुरू कर दी है। जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी के निर्देश पर जिलेभर में उर्वरक बिक्री केंद्रों पर लगातार आकस्मिक निरीक्षण और छापेमारी की जा रही है। कार्रवाई के दौरान अनियमितताएं मिलने पर दो उर्वरक विक्रेताओं के लाइसेंस निलंबित कर दिए गए हैं, जबकि पांच विक्रेताओं को कारण बताओ नोटिस और दो को चेतावनी जारी की गई है।
जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि निरीक्षण के दौरान विभिन्न उर्वरक प्रतिष्ठानों पर अनियमितताएं सामने आईं। किसानों से प्राप्त शिकायतों की जांच के बाद संबंधित विक्रेताओं के विरुद्ध उर्वरक (नियंत्रण) आदेश, 1985 के तहत कार्रवाई की गई है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसानों के हितों से खिलवाड़ करने वाले किसी भी विक्रेता को बख्शा नहीं जाएगा।
उन्होंने बताया कि खरीफ सीजन के लिए जिले में उर्वरकों का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है। वर्तमान में 45,043 मीट्रिक टन यूरिया, 8,399 मीट्रिक टन डीएपी, 1,150 मीट्रिक टन एमओपी, 8,465 मीट्रिक टन एनपीके तथा 24,425 मीट्रिक टन एसएसपी उपलब्ध है। किसानों से आवश्यकता के अनुसार अधिकृत विक्रेताओं या पीसीएफ समितियों से खतौनी अथवा फार्मर आईडी के आधार पर उर्वरक खरीदने की अपील की गई है।
जिला कृषि अधिकारी ने किसानों से कहा है कि यदि कोई विक्रेता निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत वसूलता है या उर्वरक के साथ जबरन अन्य उत्पाद खरीदने के लिए दबाव बनाता है, तो इसकी सूचना तत्काल जिला कृषि अधिकारी कार्यालय के कंट्रोल रूम के मोबाइल नंबर 9554741267 पर दें। शिकायत सही पाए जाने पर संबंधित विक्रेता के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 और उर्वरक (नियंत्रण) आदेश, 1985 के तहत कठोर कार्रवाई करते हुए उसका लाइसेंस निलंबित या निरस्त किया जाएगा।