अयोध्या। जिला कारागार की तन्हाई कोठरी की दीवार में सेंध लगाकर फरार हुआ एक लाख रुपये का इनामी बंदी शेर अली करीब नौ महीने बाद गिरफ्तार कर लिया गया। यूपी एसटीएफ ने उसे दिल्ली के मायापुरी स्थित खजान बस्ती से बुधवार रात नौ बजे दबोचा। जेल से भागने के बाद वह लगातार ठिकाने बदल रहा था और गिरफ्तारी से बचने के लिए मोबाइल फोन का इस्तेमाल भी नहीं कर रहा था। अब पुलिस की निगाह उसके साथ फरार हुए दूसरे बंदी गोलू अग्रहरि की तलाश पर है।
सुल्तानपुर जिले के अमरेमऊ, करौंदीकला निवासी शेर अली वर्ष 2024 में अयोध्या के बीकापुर क्षेत्र में टावर रिपेयरिंग का काम करता था। इसी दौरान उसका कृष्ण कुमार से विवाद हो गया था। आरोप है कि विवाद बढ़ने पर उसने कृष्ण कुमार को गोली मारकर घायल कर दिया। इस मामले में बीकापुर थाने में मुकदमा दर्ज हुआ था और गिरफ्तारी के बाद उसे जिला कारागार भेज दिया गया था।
जेल में शेर अली को गोलू अग्रहरि के साथ तन्हाई कोठरी संख्या चार में रखा गया था। पूछताछ में शेर अली ने बताया कि दोनों ने 29 जनवरी को फरार होने की योजना बनाई। इसके लिए रसोई में इस्तेमाल होने वाली सामग्री की मदद से कोठरी के जंगले के पास की करीब 25 से 30 ईंटें निकाल दीं। बाहर निकलने के बाद गमछे और कंबल फाड़कर रस्सी बनाई और उसके सहारे जेल की ऊंची दीवार फांदकर भाग निकले।
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फरारी के बाद शेर अली पुलिस की पकड़ से बचने के लिए लगातार ठिकाने बदलता रहा। कुछ दिन पहले वह दिल्ली पहुंचा और मायापुरी की खजान बस्ती में रहने लगा। यहां उसने पुताई का काम शुरू कर दिया, ताकि सामान्य मजदूर की तरह रहकर संदेह से बच सके।
एसटीएफ उपनिरीक्षक सौरभ मिश्रा के नेतृत्व में टीम उसकी तलाश में जुटी थी। संभावित ठिकानों और संपर्कों से मिली जानकारी के आधार पर टीम दिल्ली पहुंची और बुधवार रात उसे गिरफ्तार कर लिया।
प्रभारी निरीक्षक मनोज कुमार शर्मा ने गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए बताया कि शेर अली की पुलिस रिमांड लेने की प्रक्रिया की जाएगी। उससे फरारी की पूरी घटना और जेल से भागने में इस्तेमाल किए गए तरीके के संबंध में पूछताछ की जाएगी। शेर अली की गिरफ्तारी के बाद अब गोलू अग्रहरि को पकड़ने के लिए तलाश तेज कर दी गई है।