◆ 25 हजारकीस्वरोजगारसहायता, 75 हजारकीसब्सिडीऔरअब हुई 60 हजारव 50 हजार कीमदद
अयोध्या। सरकारी योजनाओं का लाभ मिला, कारोबार के लिए आर्थिक सहायता मिली, गैस कनेक्शन और आयुष्मान कार्ड जैसी सुविधाएं भी मिलीं। इसके बाद भी करीब तीन लाख रुपये का कर्ज है। मीरा मांझी का मामला अब सरकारी योजनाओं के लाभ, घरेलू आर्थिक स्थिति और राजनीतिक मदद के दावों के बीच चर्चा का विषय बन गया है। परिवार की आर्थिक मुश्किलें दूर करने के लिए नेता भी पहुंच रहे हैं, लेकिन कर्ज से पूरी राहत कब मिलेगी, यह अभी स्पष्ट नहीं है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मीरा मांझी के घर चाय पीने के बाद यह परिवार चर्चा में आया था। इसके बाद विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ मिलने की बात सामने आई। पीएम स्वनिधि योजना के तहत कारोबार के लिए 25 हजार रुपये की सहायता, उज्ज्वला योजना के तहत गैस कनेक्शन और आयुष्मान कार्ड जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं। महापौर महंत गिरीशपति त्रिपाठी के मुताबिक, कर्ज के मामले में 75 हजार रुपये की सब्सिडी भी मिली है। इसके बावजूद करीब तीन लाख रुपये की देनदारी का मामला सामने है।
मददकेलिएनेताओंमेंसक्रियता, कर्जकाहिसाबअबभीबाकी
मीरा मांझी की आर्थिक स्थिति को लेकर राजनीतिक गतिविधियां भी बढ़ी हैं। सपा के पूर्व मंत्री तेजनारायण पांडेय पवन ने 50 हजार रुपये की सहायता दी, जबकि महापौर महंत गिरीशपति त्रिपाठी ने गुरुवार को उनके आवास पहुंचकर अपनी व्यक्तिगत मद से 60 हजार रुपये की मदद की। महापौर का कहना है कि कर्ज के रीसेटलमेंट के लिए बैंक और जिला प्रशासन से बातचीत की जा रही है।