जलालपुर अंबेडकर नगर। कोतवाली क्षेत्र में भूमाफियाओं की कथित दबंगई का मामला प्रकाश में आया है। बसखारी रोड स्थित बड़े पुल के पास गाटा संख्या 543 की भूमि पर बनी करीब 20 वर्ष पुरानी बाउंड्री वॉल को रात के अंधेरे में जेसीबी से गिरा दिया गया। पीड़ित की तहरीर के बावजूद तीन दिन बाद मुकदमा दर्ज होने से पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं।
जानकारी के अनुसार उक्त भूमि देवानंद पुत्र पारसनाथ निवासी अरई तथा सुभाष यादव पुत्र तिलकधारी के नाम दर्ज है। पीड़ित का कहना है कि वर्ष 2005 में रजिस्टर्ड बैनामा के आधार पर उसने भूमि पर बाउंड्री वॉल बनवाकर कब्जा लिया था और तब से वह उपयोग में थी।
आरोप है कि 14 फरवरी को वह रिश्तेदारी में गया था। उसी रात कटका थाना क्षेत्र के दूधई गांव निवासी श्याम सुंदर तिवारी पुत्र जगदीश प्रसाद चार-पांच अज्ञात साथियों के साथ जेसीबी लेकर पहुंचे और चारदीवारी को गिरा दिया। सुबह सूचना मिलने पर जब वह मौके पर पहुंचा तो बाउंड्री पूरी तरह ध्वस्त मिली।
पीड़ित का आरोप है कि विरोध करने पर आरोपितों ने जान से मारने की धमकी देते हुए दोबारा जमीन पर न दिखने की चेतावनी दी। उसने तत्काल कोतवाली में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की, लेकिन मुकदमा दर्ज होने में तीन दिन का समय लग गया।
कोतवाली प्रभारी अजय प्रताप यादव ने बताया कि मामले की जांच के बाद एक नामजद व चार-पांच अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत कर लिया गया है। विधिक कार्रवाई की जा रही है।
उधर, क्षेत्र में लगातार बढ़ रही भूमि कब्जे की घटनाओं को लेकर लोगों में चर्चा है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि समय रहते कड़ी कार्रवाई की जाए तो ऐसे मामलों पर अंकुश लगाया जा सकता है।