अम्बेडकर नगर। लोकतंत्र विरोधी अपने कारनामों से सदा सर्वदा संविधान का अपमान करने वाली भाजपा सरकार ने अपने 11 सालों के कार्यकाल में हमेशा संवैधानिक मूल्यों की हत्या की है संवैधानिक संस्थाओं का दुरुपयोग किया संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर किया। उप्र कांग्रेस सदस्य डा विजय शंकर तिवारी ने भाजपा और मोदी सरकार द्वारा संविधान हत्या दिवस को भारत माता का अपमान बताते हुए कहा कि जिस सरकार में वैचारिक विरोधियों द्वारा राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी के हत्यारे गोडसे और उसके मार्गदर्शक का महिमा मंडन हो वह किस मुंह से संविधान की बात करती है।
डा विजय शंकर तिवारी ने कहा कि प्रातः स्मरणीया लौह महिला श्रीमती इंदिरा गांधी जी ने घोषणा करके इमरजेंसी लगायी अराजकता फैला रहे लोगों को नजरबंद किया जेल भेजा और इस दौरान जो भी ज्यादातियां हुईं उसके लिए देश से माफी मांगी आपातकाल हटाया और चुनाव करवाये । डा विजय शंकर तिवारी ने कहा कि जनता ने इंदिरा को सजा दी। उन्होंने आभार के साथ सजा स्वीकार किया कोई आक्रोश नहीं जताया ना ही कोई अराजकता फैली बल्कि भारत की देवतुल्य जनता ने लोकतंत्र के रंगा सियारों को पहचान लिया फिर 1980 में बहुत शानदार जबरदस्त वापसी हुई श्रीमती इंदिरा गांधी प्रधानमंत्री बनीं पंजाब से आतंकवाद का खात्मा हुआ और उसी दौरान राकेश शर्मा भारत के पहले अंतरिक्ष यात्री बने।
उप्र कांग्रेस डा विजय शंकर तिवारी ने कहा कि भाजपा ने संविधान बदलने के लिए जनादेश मांगा और जनता ने नकार दिया भाजपा सरकार में पहली बार सुप्रीम कोर्ट के चार माननीय न्यायाधीशों ने प्रेस कांफ्रेंस कर भाजपा सरकार को कटघरे में खड़ा किया.नोटबंदी , अनियोजित लॉक-डाउन हो या सरकार की कमियों को उठाने वाले चतुर्थ स्तंभ के दिग्गजों की प्रताड़ना यह संविधान की हत्या नहीं तो और क्या है.डा विजय शंकर तिवारी ने कहा कि आजाद भारत में धरतीपुत्र किसानों के आंदोलन को कुचला गया आंसू गैस के गोले दागे गए वाटर कैनन भीषण ठंड में किसानों पर छोड़े गये यह संवैधानिक संस्थाओं और मूल्यों की हत्या नहीं तो और क्या है।
डा विजय शंकर तिवारी ने भाजपा की डबल इंजन सरकारों पर आरोप लगाते हुए कहा कि ईडी सीबीआई इन्कमटैक्स जैसी संस्थाओं के दुरुपयोग ने घोषित इमरजेंसी को भी पीछे छोड़ दिया है।