अयोध्या। जिले के पारंपरिक एवं आधुनिक कारीगरों को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना 2.0 के तहत ऑनलाइन आवेदन शुरू किए गए हैं। योजना के अंतर्गत 18 वर्ष से अधिक आयु के पात्र दस्तकार एवं कारीगरों को प्रशिक्षण, मानदेय, टूलकिट तथा स्वरोजगार के लिए ऋण की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
योजना के तहत चयनित लाभार्थियों को 10 दिवसीय निःशुल्क प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण अवधि में प्रतिदिन 500 रुपये की दर से कुल 5,000 रुपये का मानदेय डीबीटी के माध्यम से बैंक खाते में भेजा जाएगा। प्रशिक्षण के दौरान भोजन और नाश्ते की व्यवस्था भी रहेगी। प्रशिक्षण पूरा करने वाले लाभार्थियों को 15 हजार रुपये तक मूल्य की टूलकिट निशुल्क उपलब्ध कराई जाएगी। इसके साथ ही सरकारी मान्यता प्राप्त कौशल प्रमाण-पत्र भी दिया जाएगा।
योजना में स्वरोजगार के लिए 10 लाख रुपये तक ऋण की व्यवस्था है। सामान्य श्रेणी के पुरुष आवेदकों को परियोजना लागत का 10 प्रतिशत तथा महिलाओं, ओबीसी, एससी, एसटी, दिव्यांग एवं भूतपूर्व सैनिकों को पांच प्रतिशत मार्जिन मनी देनी होगी। शेष राशि पर 15 प्रतिशत मार्जिन मनी सब्सिडी का प्रावधान है। सीजीटीएमएसई के तहत ऋण को बिना गारंटी सुरक्षित किए जाने की व्यवस्था है। नियमित भुगतान करने पर पांच वर्ष तक ब्याज सब्सिडी का लाभ भी मिलेगा। ऋण की छह माह की मोरेटोरियम अवधि के बाद 54 किस्तों में अदायगी की जा सकेगी।
योजना में कुल 25 ट्रेड शामिल हैं। इनमें बढ़ई, दर्जी, कुम्हार, लोहार, नाई, राजमिस्त्री, सुनार, टोकरी बुनकर, हलवाई, मोची, धोबी, मूर्तिकार, मालाकार, दूधवाला, भरभूजा और मछुआरा जैसे पारंपरिक ट्रेड शामिल हैं। वहीं मोबाइल मरम्मत, ऑटोमोबाइल मरम्मत, इलेक्ट्रॉनिक एवं विद्युत उपकरण मरम्मत, प्लम्बर, कंप्यूटर मरम्मत, सोलर इंस्टॉलेशन, डिजिटल फोटोग्राफी तथा ब्यूटी एवं वेलनेस जैसे आधुनिक ट्रेड भी योजना में शामिल किए गए हैं।
आवेदन के लिए उत्तर प्रदेश का मूल निवासी होना और न्यूनतम 18 वर्ष की आयु होना आवश्यक है। आवेदक का संबंधित ट्रेड से जुड़ा होना प्रमाणित होना चाहिए। इसके अलावा आवेदक ने पूर्व में केंद्र या राज्य सरकार की समान योजना का लाभ न लिया हो और वह किसी बैंक का डिफॉल्टर न हो।
योजना के लिए आवेदन ऑनलाइन किया जा सकता है। जनपद स्तरीय चयन समिति द्वारा ऑनलाइन मूल्यांकन के बाद लाभार्थियों का चयन किया जाएगा। चयन के बाद आवेदन तीन दिन में बैंक को भेजे जाने तथा बैंक द्वारा 15 दिन में ऋण स्वीकृत किए जाने की व्यवस्था है। ऋण स्वीकृति के 15 दिन के भीतर राशि खाते में वितरित किए जाने का प्रावधान है।
जिला उपायुक्त उद्योग प्रभात रंजन शुक्ला ने बताया कि योजना का उद्देश्य कारीगरों को प्रशिक्षण और वित्तीय सहायता उपलब्ध कराकर उन्हें स्वरोजगार के अवसर प्रदान करना है। इच्छुक आवेदक विभाग की वेबसाइट msme.up.gov.in के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं।
पांच वर्ष में 5,000 कारीगर हुए लाभान्वित
अयोध्या में पिछले पांच वर्षों के दौरान विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के तहत 5,000 कारीगर लाभान्वित हुए हैं। वर्ष 2020-21 में 525, 2021-22 में 1,225, 2022-23 में 1,100, 2023-24 में 1,000 तथा 2024-25 में 1,150 कारीगरों को योजना का लाभ मिला।